ज्योतिषीय प्राध्यापकको भाजपाके लिए भविष्यवाणी करनेपर विश्वविद्यालयने निलम्बित किया !!


मई ८, २०१९

 

मध्यप्रदेशके उज्जैन स्थित विक्रम विश्वविद्यालयमें ज्योतिर्विज्ञान अध्ययनशालाके प्रमुखको लोकसभा चुनावोंकी आदर्श आचार संहिताके उल्लंघनके आरोपमें निलम्बित कर दिया गया है । ज्योतिष शास्त्रके इस प्राध्यापकने चुनावी समयमें अपने ‘फेसबुक’ लेखकेद्वारा कथित रूपसे भविष्यवाणी की थी कि भारतीय जनता पार्टी लोकसभाकी लगभग ३०० सीटें अपने दमपर विजयी होगी, जबकि समूचे एनडीए गठबन्धनके खातेमें ४०० से अधिक सीटें आएंगीं ।

विक्रम विश्वविद्यालयके कुलसचिव डीके बग्गाने ‘पीटीआई-भाषा’के पूछे जानेपर बुधवार, ८ मईको पुष्टि की कि सामाजिक जालस्थलपर राजनीतिक लेख डालकर आदर्श आचार संहिताके कथित उल्लंघनपर इस संस्थानकी ज्योर्तिविज्ञान अध्ययनशालाके अध्यक्ष राजेश्वर शास्त्री मुसलगांवकरको निलम्बित कर दिया गया है । मुसलगांवकरपर जिस चुनावी भविष्यवाणीको लेकर निलम्बनकी अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है, वह उनके फेसबुक खातेपर २८ अप्रैलको साझा की गयी थी । इसमें कहा गया था, “भारतीय जनता पार्टी ३०० के पास और एनडीए ३०० पार ।”

मुसलगांवकरने अगले ही दिवस सार्वजनिक क्षमायाचनाके साथ इस फेसबुक लेखको हटा लिया था । उन्होंने इसके पश्चात फेसबुकपर २९ अप्रैलको जारी लेखमें कहा था, ‘मेरेद्वारा ज्योतिषीय आकलन मात्र शास्त्रीय प्रचारकी दृष्टिसे किया गया था । यदि मेरे प्रयोगसे किसीकी भावना आहत होती है, तो मैं क्षमा चाहता हूं ।’ इस मध्य, ज्योतिर्विज्ञानके विभागाध्यक्षपर निलम्बनकी कार्यवाहीको लेकर प्रमुख विपक्षी दल भाजपाने प्रश्न उठाएं हैं ।

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्माने कहा, “विभिन्न विषयोंपर ज्योतिषीय आकलन करना ज्योतिर्विज्ञानके प्राध्यापकोंके अध्ययन-अध्यापनका अनिवार्य अंग होता है । ऐसेमें मुसलगांवकर जैसे विद्वान ज्योतिषाचार्यपर निलम्बनकी कार्यवाही अनुचित है । उनके निलम्बन आदेशको शीघ्र निरस्त किया जाना चाहिए ।

 

“चुनावी भविष्यवाणी तो देशमें ज्योतिषी करते ही रहते हैं तो इसमें कौनसी आचार संहिताका उल्लंघन है ? इस गणितसे तो सभी समाचार माध्यमोंको बन्द कर देना चाहिए और यदि यह उल्लंघन है भी तो कार्यवाही निर्वाचन आयोग करेगा या विश्वविद्यालयका प्रशासन या कमलनाथ प्रशासन ? यह कांग्रेसके दबावमें लिया गया एक अयोग्य निर्णय है । इससे ही लोकतन्त्र-लोकतन्त्र चिल्लानेवाली कांग्रेसकी लोकतन्त्रमें आस्था और कुठाघातकी वृत्ति स्पष्ट होती है ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : अमर उजाला



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