मैकाले शिक्षण पद्धति पुरस्कृत बुद्धिवादियोंकी स्थिति देख हंसी आती है, उन्हें सूक्ष्म जगतसे सम्बन्धित कोई बात पचती नहीं है, यदि ऐसे हिन्दुओंको धर्मशिक्षण नहीं दिया गया तो कुछ काल उपरान्त ये हिन्दू अपने पिताका नाम लिखनेसे पूर्व अपना और अपने माता-पिताका ‘डीएनए परिक्षण’ करवाने लगें तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए; क्योंकि तपोवृद्ध, वयोवृद्ध, आयुर्वृद्ध एवं ज्ञानवृद्धपर विश्वास करना, यह उनकी प्रवृत्तिमें ही नहीं है ।
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