आम (भाग-२)


* रासायनिक घटक : फलमें अन्य तत्त्वोंके अतिरिक्त विटामिन ‘A’, ‘B’ ‘C’, प्रचुर मात्रामें पाए जाते हैं ।

* गुणधर्म :

अ. बीज मज्जा : कफ-पित शामक, स्तभन, मूत्र संग्रहणीय, रक्‍तरोधक, व्रणरोपण ।

आ. कच्चा फल : त्रिदोषकारक,

इ. आगमें भुना हुआ कच्चा फल : दाह प्रशमन, रोचन, दीपन, रक्‍तपित्तहर, शोषक ।

ई. पका फल : वात, पित्त शामक, स्नेहन, अनुलोमन, सारक हृदय, शोणीत स्थापन, वृष्य, बल्य, वर्ण्य, बृंहण ।

उ. आमका बौर (पुष्प) : शीतल, वातकारक, मलरोधक, अग्निदीपक, रूचिवर्धक तथा कफ, पित्त, प्रमेह और कफनाशक है ।

ऊ. आमकी जड : कसैली, मलरोधक, रुचिकारक तथा वात, पित्त और कफको हरनेवाली है ।

ए. आमकी गुठली : किंचित कसैली, वमन, अतिसार और हृदयके आस-पासकी पीडाको दूर करती है ।

ऐ. आमके बीजका तेल : आमकी गुठलीका तेल कसैला, स्वादिष्ट, रूखा, कडवा तथा मुखरोग-कफ व वातको नियमानुकूल करता है ।

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