१० जुलाई, २०२१
देहलीके अरविंद केजरीवाल शासनमें दूसरे कोरोनाकालमें कुप्रबन्धन अपने चरमपर रहा । उस विफलताको ढकनेके प्रयासमें केजरीवाल शासनद्वारा अब देशके सभी राज्योंके समाचार पत्रोंमें सम्पूर्ण पृष्ठके विज्ञापन देकर यह दर्शानेका प्रयास किया जा रहा है, कि वह कोरोनामें मृत परिजनके लिए कितने उदार व दयालु हैं ।
इन विज्ञापनोंमें ‘मुख्यमन्त्री कोविड-१९ परिवार आर्थिक सहायता योजना’के शुभारम्भके बारेमें बताया जा रहा है । इस योजनाके अन्तर्गत बताया जा रहा है कि कोरोनामें मृतकके परिजनको ५०००० रुपयोंकी आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी । जिन परिवारोंके धनार्जन करनेवाले सदस्योंकी मृत्यु हुई है, उन्हें २५०० रुपये मासिक सहायता की जाएगी । जिन बच्चोंके माता-पिताकी कोरोनासे मृत्यु हो गई है, उन्हें २५ वर्षकी आयुतक २५०० रुपये मासिक सहायता की जाएगी । इन विज्ञापनोंमें अरविंद केजरीवालके छायाचित्रके साथ पूर्ण पृष्ठमें विज्ञापन दिया गया है । ऐसे पूर्ण पृष्ठके विज्ञापन ‘टाइम्स ऑफ इण्डिया’, अमर उजाला, दैनिक भास्कर, गुजरातके गुजराती समाचार पत्र, महाराष्ट्रके मराठी समाचार पत्र, पंजाबके पंजाबी समाचार पत्र, यहांतककी बिहार, छत्तीसगढ, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगाना,कर्नाटक, गोवाके समाचारपत्रोंमें छपवाए गए हैं । आश्चर्यका विषय यह है कि मात्र देहलीके लिए घोषित योजनाका प्रसारपूरे भारत वर्षके राज्योंमें करनेके लिए करोडों रुपये देहलीके करदाताओंके व्यय किए गए हैं ।
उल्लेखनीय है कि केजरीवाल शासनने अपने विज्ञापनोंपर जनवरी २०२१ से मार्च २०२१ तक १५० करोड रुपये व्यय किए थे । गत दो वर्षोंमें देहली शासनने मात्र विज्ञापनोंपर ८०० करोडसे अधिक धन व्यय किया है ।
अरविंद केजरीवालने भ्रष्टाचारका विरोध करते हुए आमआदमी पक्षका गठन किया था । सत्ता लोलुप केजरीवालकी दृष्टि भारतके अनेक राज्योंपर है । इसीलिए महामारीके विकट कालमें जनताकी चिकित्सीय सुविधाओंपर धन व्यय करनेके स्थानपर वे अपनी छवि सम्पूर्ण देशमें चमकानेके लिए करदाताओंके धनका अपव्यय कर रहे हैं । यह अतिशय लज्जास्पद है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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