आत्मसाक्षात्कारकी अवस्था क्या है


यदि कुछ ध्यानमार्गियोंको प्रकाश दिखाई देता है और ध्यानमें कुछ क्षण एकाग्रता अनुभव होता है तो उन्हें लगता है कि उन्हें आत्मसाक्षात्कार हो गया । तो ध्यान रखें, जब जागृत अवस्थामें भी आपका मन निर्विचार रहने लगता है, आसपासके प्रतिकूल प्रसंग आपके मनको विचलित नहीं करे और मनमें स्थिरता बनी रहती है तो ही समझ सकते हैं कि आपने अध्यात्मके एक महत्वपूर्ण चरणको साध्य कर लिया है । ध्यानावस्थाकी पराकाष्ठा वह है कि जब आप जागृत अवस्थामें भी अखण्ड आनन्द और परम शान्तिकी अनुभूति लेते हैं अर्थात ध्यान करनेकी आवश्यकता समाप्त हो जाती है । जब आपका मन किसी भय, चिन्ता और विकारसे उद्विग्न नहीं होता और आप अनासक्त होकर अनेक वर्ष कर्मरत रहते हैं, तो उसे आपने ध्यानकी उच्च स्थितिको साध्य कर लिया है, यह कह सकते हैं । – तनुजा ठाकुर



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution