‘आइएसआइएस’के संकेतपर कश्‍मीरमें आतंकी घटनाएं करनेवाला ‘दाऊद’ मारा गया


जून २२, २०१८

जम्‍मू-कश्‍मीरमें ७ माहमें ‘दाऊद’ आतंकका पर्याय बन चुका था ! वह गत सात माहसे ‘आइएसआइएस’ और पाक समर्थित आतंकियोंके संकेतपर कश्‍मीरमें निरन्तर आतंकी घटनाओं कर रहा था । दाऊदकी आतंकी गतिविधियोंको देखते हुए सुरक्षाबलोंने उसका नाम अपनी सूचीमें सम्मिलित कर उसकी शीघ्रतासे खोज आरम्भ कर दी । शीघ्र ही सुरक्षाबलोंकी खोज समाप्त हुई और शुक्रवार प्रातः ‘इण्टेलीजेंस इनपुट’के आधारपर उसे अनन्तनागके श्रीगुफवारा क्षेत्रमें घेर लिया । लगभग आठ घण्टेसे अधिक समयतक चली भिडन्तके बाद सुरक्षाबलोंने दाऊदको उसके तीन साथियोंके साथ मार दिया ।
सुरक्षाबलके वरिष्‍ठ अधिकारीके अनुसार दाऊदके साथ मृत हुए तीन अन्‍य आतंकियोंकी पहचान माजिद मंजूर, आदिल रहमान भट और मोहम्‍मद अशरफके रूपमें हुई है । सुरक्षाबलोंको भिडन्त स्‍थलसे इन आतंकियोंके पास विद्यमान भारी संख्यामें शस्त्र और विस्फोटक मिला है । इनके पाससे मिले शस्त्र, गोली, विस्फोटकको देखकर माना जा सकता है कि मृत आतंकी घाटीमें कोई बडी घटना करने वाले थे ! भाग्यवश, आतंकी अपने कुकृत्योंमें सफल होते, इससे पूर्व ‘सीआरपीएफ’, भारतीय सेना और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिसके विशेष अभियान समूहमें मुठभेडमें चारोंको मार दिया ।

सुरक्षाबलोंके अनुसार श्रीगुफवारामें मृत हुए आतंकी दाऊदका पूरा नाम दाऊद सोफी है; यद्यपि वह कश्‍मीर घाटीमें बुरहान मुसाइबके नामसे कुख्‍यात था । दाऊदने अक्‍टूबर २००७ में ‘आइएसआइएस’में भर्ती हुआ था । जिसके बाद, वह पाकिस्‍तानी आतंकियोंके संकेतपर कश्‍मीर घाटीमें बडी शीघ्रतासे आतंकी घटनाएं करता था । पाकिस्‍तानी आतंकियोंने दाऊदको मुख्यतया सुरक्षाबलोंको लक्ष्य बनानेका उत्तरदायित्व दिया था । दाऊदको देखकर ‘आइएसआइएस’ने उसे जम्‍मू-कश्‍मीरका प्रमुख बना दिया । सूत्रोंके अनुसार दाऊदको आतंकी संठगनोंने कमाण्डरके साथ-साथ A++ श्रेणीके आतंकीके रूपमें घोषित किया था ।

सुरक्षाबलके वरिष्‍ठ अधिकारीके अनुसार दाऊद मूल रूपसे श्रीनगरके एमएचटी क्षेत्रका रहने वाला था । अक्‍टूबर २००७ में आइएसआइएसमें भर्ती होनेके बाद पाक समर्थित विदेशी आतंकियोंने दक्षिण कश्‍मीरके जंगलोंमें शस्त्र चलाने और आतंकी घटनाएं करनेका प्रशिक्षण दिया था । प्रशिक्षण मिलनेके पश्चात आतंकी दाऊद घाटीमें आतंकी घटनाएं करने लगा ! कुछ समय पश्चात उसे आइएसआइएस जम्मूका प्रमुख घोषित करते हुए, आतंकियोंने उसे नए आतंकियोंको भर्तीकर आतंकी घटनाएं करनेका उत्तरदायित्व दिया, जिसके पश्चात वह सीमासे सटे गांवोंमें घूम-घूम कर स्‍थानीय युवकोंको आतंकी बननेके लिए प्रेरित कर रहा था ।

स्त्रोत : जी न्यूज



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