जुलाई ७, २०१८
जम्मू-कश्मीरमें कुलगाम प्रान्तके खुदवाणी क्षेत्रमें शनिवारकी सुबह सेनाके अन्वेषण अभियानके समय पत्थरबाजोंने उपद्रव कर दिया; यद्यपि सेनाने जब उन्हें हटानेका प्रयास किया तो पत्थरबाजोंने सेनाके विरुद्ध झडप हुई और इसमें तीन नागरिकोंकी मृत्यु हो गई ! मृतकोंमें एक नाबालिग लडकी भी है । बता दें कि हिंसाके पश्चात कुलगाम और अनन्तनागमें जालस्थल सेवा बन्द कर दी है ।
इसमें ३ जवान सहित १३ से अधिक लोग चोटिल हो गए, उन्हें चिकित्सालय ले जाया गया जहां चिकित्सकोंने तीन नागरिकोंकी मृत्युकी पुष्टिकी ! सेना और पत्थरबाजोंके मध्य ये हिंसा आतंकी बुरहान वानीकी दूसरी मृत्युतिथिसे पूर्व बुलाए गए बन्दके मध्य हुई । बता दें कि ‘हिज्बुल मुजाहिदीन’के अधिकारी बुरहान वानीकी दूसरी मृत्युतिथिपर जम्मू कश्मीरमें अलगाववादियोंने बन्दका आह्वान किया है ।
सुरक्षाके अन्तर्गत सेनाने पुलवामा और त्राल सहित कई क्षेत्रोंमें ‘कर्फ्यू’ लगा दिया है । बन्दके मध्य किसी भी अनहोनीसे बचनेके लिए रविवारको रवाना होने वाली अमरनाथ यात्रापर रोक लगा दी गई है । जम्मू कश्मीरके ‘डीजीपी’ डॉ. एसपी वैदने इसकी सूचना दी है । उन्होंने कहा कि रविवारको आतंकी बुरहान वानीकी मृत्युतिथिपर कश्मीर बन्दका आह्वान किया गया है, जिसके कारण सुरक्षाके अन्तर्गत रविवारको अमरनाथ यात्रापर रोक लगा दी गई है, जिससे लगभग १००० की संख्यामें अमरनाथ यात्रियोंको कठुआमें रुकना पडा है । वहीं, १५ सहस्त्रसे अधिक यात्रियोंको जम्मू, उधमपुर और रामबाण प्रान्तमें रोका गया है ।
गुप्तचर विभागके सूत्रोंके अनुसार आतंकी बुरहानकी मृत्युतिथिपर आतंकी आक्रमणसे बचनेके लिए जम्मू कश्मीरमें श्रीनगर राजमार्गके ३०० किलोमीटरके क्षेत्रमें चेतावनी दी गई है । इससे पूर्व ‘जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रण्ट’के (जेकेएलएफ) अध्यक्ष यासीन मलिकको बन्दी बना लिया गया, जबकि हुर्रियत कांफ्रेंसके नरमपन्थी दलके प्रमुख मीरवायज उमर फारुकको उनके निगीन आवासपर बन्दी बना लिया गया ।
पुलिस अधिकारीने बताया कि मलिकको मैसूमामें उनके घरसे बन्दी बना लिया गया । उन्हें मैसूमा थानेमें कारावासमें रखा गया है । ‘हुर्रियत कांफ्रेंस’के कट्टरपन्थी दलके अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी, हैदरपुरामें अपने घरपर अब भी सन्दी बनाए हुए हैं । वैसे उन्हें समीपकी मस्जिदमें ‘जुम्मेकी नमाज’ पढने जाने दिया गया; लेकिन फिर से बन्दी बना लिया गया ।
अलगाववादियोंने ८ जुलाईको घाटीमें बन्दका आह्वान किया है । अधिकारीके अनुसार प्रशासनने भी ग्रीष्मकालीन राजधानीके नौहट्टा क्षेत्रमें जामिया मस्जिदके निकट निषेधाज्ञा लगा दी और वहां जुम्मेकी नमाज नहीं पढ़ने दी गई । आतंकी वानी ८ जुलाई, २०१६ को दक्षिण कश्मीरमें अनन्तनाग प्रान्तके कोकरनागमें सुरक्षाबलोंके साथ भिडन्तमें मारा गया था, उसके मारे जानेके बाद घाटीमें लम्बे समयतक प्रदर्शन हुआ था ।
स्रोत : आजतक
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