आजकी राजनीति, १५३ सांसदोंकी संपत्तिमें ५ वर्षोंमें १४२% वृद्धि !!


मार्च १९, २०१९

‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ने (एडीआर)  २०१४ में पुनः चुने गए १५३ सांसदोंके हलफनामेके आधारपर उनकी संपत्तिका विश्लेषण किया है । २००९ की तुलनामें २०१४ में इन सांसदोंकी संपत्तिमें औसत १४२% की वृद्धि हुई । विवरणमें २००९ और २०१४ में चुने गए सांसदोंके अतिरिक्त २०१८ के उपचुनावमें जीतनेवाले सांसदोंकी संपत्तिका भी विश्लेषण किया गया । पटना साहिबसे भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हाकी संपत्तिमें ५ वर्षोंमें सबसे अधिक ७७८% वृद्धि हुई है !

२००९ में विभिन्न दलोंके १५३ सांसदोंकी औसत संपत्ति ५.५० कोटि रुपए थी । यह २०१४ में १३.३२ कोटि रुपए हो गई ।

सिन्हाकी संपत्ति ५ वर्षोंमें लगभग ९ गुणा बढी

सांसद २००९ में संपत्ति (कोटि रु.) २०१४ में संपत्ति (कोटि रु.) वृद्धि
शत्रुघ्न सिन्हा (भाजपा) १५ १३१ ७७८%
पिनाकी मिश्रा (बीजद) २९ १३७ ३६२%
सुप्रिया सुले (राकांपा) ५१ ११३ १२१%
चंद्रकांत पाटिल (भाजपा) २४ ७४ २०८%
उदयन राजे भोसले (राकांपा) ११ ६० ४१७%

सबसे अधिक बीजद सांसदोंकी संपत्तिमें १९८ प्रतिशत वृद्धि

पार्टी चुने गए सांसद २००९ में औसत संपत्ति (कोटि रु.) २०१४ में औसत संपत्ति (कोटि रु.) औसत वृद्धि
भाजपा ७२ १२ १४०%
कांग्रेस २८ १२ १०९%
तृणमूल १२ ९३ लाख रु. २२१%
बीजद २३ २९८%
शिवसेना १४७%

इनकी संपत्ति घट गई

सांसद पार्टी २००९ में औसत संपत्ति २०१४ में औसत संपत्ति संपत्ति कितनी घटी
पी करुणाकरन माकपा १ कोटि रु. ५९ लाख रु. – ६७%
जगदंबिका पाल * ४ कोटि रु. १ कोटि रु. – ६४%
अर्जुन चरण सेठी बीजद १ कोटि रु. ६७ लाख रु. – ३९
ओम प्रकाश यादव * ३० लाख रु. २२ लाख रु. – २७%

 

“ये हैं आजके तथाकथित सत्यनिष्ठ नेता, जिनके राजनीतिमें आते ही इनके घर भर जाते हैं; परन्तु यदि कुछ वैसाका वैसा रहता है तो वह है साधारण जनताकी स्थिति, जिनकी सेवाके लिए इन्हें चुना जाता है ! ऊपरसे लेकर नीचेतक इस भ्रष्ट हुई व्यवस्थाको ठीक करनेके लिए केवल हिन्दू राष्ट्रकी ही आवश्यकता है, जिसमें नेतागण अपना घर नहीं वरन राष्ट्र व नागरिकोंको ही प्राथमिकता देंगें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : भास्कर



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