हिन्दुओंका प्रखर निर्णय, गणतन्त्र दिवसकी झडपके पश्चात राजगढमें मुस्लिम विक्रेताओंपर प्रतिबन्ध !!


जनवरी ३०, २०१९

 

मध्यप्रदेशके राजगढ जनपदमें पुलिसको कई गांवोंसे पत्र भेजे गए हैं, जिनमें लिखा है कि कोई भी मुस्लिम विक्रेता गांवमें प्रवेश न करे, यदि वह ऐसा करता है तो हम उत्तरदायी नहीं होंगें !

गणतन्त्र दिवसके अवसरपर हुई साम्प्रदायिक झडपके पश्चात जनपदमें तनाव बढ गया है । ये झडप खुजनेर नगरमें गणतन्त्र दिवसपर आयोजित एक कार्यक्रमके मध्य हुई थी । एक समूहका कहना है कि झडप इसलिए हुई थी; क्योंकि सम्मेलनमें सम्मिलित कुछ लोगोंने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी । वहीं दूसरे समूहका कहना है कि ये लडाई दो लोगोंके मध्य पुराने विवादको लेकर हुई ।

खुजनेरमें आयोजित समारोहमें विद्यालयके छात्र भी सम्मिलित थे । बच्चे गदर चलचित्रके एक गानेपर नृत्य कर रहे थे, तभी कुछ उपद्रवियोंने देश विरोधी उद्घोष लगाना आरम्भ कर दिया । इसके पश्चात विवाद बढता गया और कार्यक्रम स्थलपर भगदड मच गई ।

कार्यक्रममें सम्मिलित उपद्रवियोंने कुर्सियोंकी तोडफोड की । इसके पश्चात मुस्लिम सम्प्रदायके लोग शस्त्र लेकर कार्यक्रम स्थलपर पहुंच गए और नृत्य कर रहे बच्चोंपर भी आक्रमण कर दिया । कई बच्चे इस मध्य चोटिल हो गए ।  

पुलिसने १६ लोगोंके विरुद्घ प्राथमिकी प्रविष्ट की है, जिसमें दोनों पक्षोंके लोग सम्मिलित हैं । पुलिसने ६ लोगोंको बन्दी बनाया है, इनके नाम हैं, समद खान, साकिर खान, अकबर खान, जाकिर खान, इम्तियाज खान और समीर खान ।


घटनाके पश्चात भाजपाके वरिष्ठ नेता और राज्यके पूर्व मुख्यमन्त्री शिवराज सिंह चौहानने कई ट्वीट किए । उन्होंने कहा कि यह मध्यप्रदेशकी संस्कृति नहीं है । ऐसी अराजकताको सहन नहीं किया जाएगा ।

यहां अभी भी तनावका वातावरण बना हुआ है । भीलखेडी गांवके लोगोंका कहना है, “मुस्लिमोंको हमारे गांव नहीं आना चाहिए । हम उनकी सुरक्षाका वचन नहीं करते । हमारे बच्चे उस दिनकी घटनाके पश्चात भयभीत हैं और विद्यालय जानेसे भी मना कर रहे हैं ।”

खुजनेर पुलिसका कहना है कि सभीको कहीं भी काम करनेका अधिकार है, संविधानमें इसके प्रतिबन्धोंको स्वीकृति नहीं दी गई है ।

 

“गांववालोंको निस्सन्देह देरीसे समझमें आया; परन्तु यह आ गया कि धर्मान्ध केवल विष उगलता है और उसके लिए हिन्दू केवल जिहादका माध्यम है ! ऐसेमें गांववालोंका निर्णय प्रशंसनीय है कि किसी भी मुस्लिम विक्रेताको गांवमें नहीं घुसने देंगें; क्योंकि हिन्दुओंसे ही धन अर्जितकर ये जिहाद करते हैं ! वस्तुतः अन्य हिन्दुओंने भी इससे शिक्षा लेनी चाहिए और पुलिस संविधान बता रही है, यह हास्यास्पद है । यह संविधान उस समय कहां था, जब छोटे-छोटे बच्चोंको मारा-पिटा गया । यदि कोई बडी घटना होती तो क्या संविधान कुछ करता ? शासन बन्दी बनाए गए धर्मान्धोंपर कठोर कार्यवाही करें, यह समस्त हिन्दुवादियोंकी मांग है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



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