अग्निहोत्रसे सम्बन्धित शंका समाधान (भाग-५)


प्रश्न : अग्निहोत्रके पात्रको कब स्वच्छ करना चाहिए ? क्या उसे प्रातः और सन्ध्या समय अर्थात दोनों समय धोना चाहिए ?

उत्तर : यदि अग्निहोत्र पात्र ताम्बेका हो तो उसे प्रतिदिन प्रातःकाल अवश्य ही स्वच्छ करना चाहिए । सन्ध्या समय उसे स्वच्छ करनेकी आवश्यकता नहीं है । अनेक बार अग्निहोत्र करने हेतु भूमिमें मिट्टीके हवन कुण्डका निर्माण किया जाता है । यदि ऐसा हो तो उसे भी प्रातःकाल गोबरसे लीपना चाहिए । रात्रिमें तमोगुण बढनेके कारण सबपर सूक्ष्मसे काला आवरण आता है; अतः पात्रों या कुण्डकी शुद्धि करना परम आवश्यक होता है ।



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