‘सामना’में रानी अहिल्या बाईकी तुलना ममता बनर्जीसे देख क्रोधित हुए परिजन, व्यक्तकी अप्रसन्नता


१३ मई, २०२१
 शिवसेनाके मुखपत्र ‘सामना’में बंगालकी मुख्यमन्त्री ममता बनर्जीकी तुलना इंदौर और महेश्वरकी रानी पुण्यश्लोक माता अहिल्याबाई होलकरसे किए जानेके पश्चात रानीके वंशजोंने आपत्ति जताई है और क्रोध व्यक्त किया है । लेखको पढनेके पश्चात उनके एक परिजन श्रीमंत भूषण सिंह राजे होलकरने महाराष्ट्रके मुख्यमन्त्री उद्धव ठाकरेको पत्र भी लिखा है ।
 पत्रमें राउतकी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि ये बहुत लज्जाजनक है कि एक राष्ट्रीय नेताकी तुलना आजकलके भ्रष्ट राजनेताओंसे की जाए, वह भी घटिया राजनीतिक लाभके लिए । होलकरने बताया कि अहिल्याबाईने अपना पूरा जीवन राष्ट्र, धर्म और जनताकी सेवामें लगाया । उनकी तुलना एक ऐसी नेत्रीसे नहीं हो सकती, जो राजनीतिके लिए अपने देशवासियोंपर अत्याचार करे ।
 शिवसेनाके मुखपत्रमें जिन अहिल्याबाई होलकरकी तुलना तृणमूल कांग्रेसकी प्रमुख ममता बनर्जीसे की गई है । अहिल्याबाई होलकर एक महिला शासक थीं । उन्हें राजमाता या महारानी अहिल्याबाई होलकर भी कहा जाता था । वह मात्र एक योद्धा ही नहीं थीं; अपितु विदुषी कई भाषाओंकी ज्ञाता और विभिन्न विद्याओंमें निपुण थीं । महेश्वरमें ३० वर्ष निवास करते हुए उन्होंने स्वयंको जनसेवामें समर्पित कर दिया था । इसके अतिरिक्त, औद्योगीकरणको बढावा तथा धर्मका प्रसार करनेका कार्य भी मां अहिल्याद्वारा किया गया था ।
     शिवसेना अब वैचारिक रूपसे पूर्णतः शवसेना हो चुकी है और इसी मृत कुबुद्धिका परिचय उसने इस तुलनाके माध्यमसे दिया है । माता अहिल्याबाईकी तुलना, ममता बनर्जीसे करना वैसे है जैसे किसी ‘गंदी’ नालीकी तुलना, पवित्र गंगासे करना ! सामान्य मनुष्य यह पाप नहीं कर सकता, कोई विक्षिप्त, बुद्धिभ्रष्ट ही यह कुकृत्य कर सकता है और जिसने भी यह किया है, वह क्षमाका नहीं दण्डका पात्र है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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