अहिन्दुओंने सदैव धर्मकी हानि की है


इस देशको हानि अहिन्दुओंसे अधिक, मार्गसे भटके हुए जन्म हिन्दुओंने पहुंचाई है ! आजके अधिकांश नास्तिक, तथाकथित पुरोगामी, स्त्रीमुक्ति आन्दोलनके अग्रणी, नक्सलवादी, साम्यवादी, गोवंशके पधुवधगृह चलानेवाले, मुल्लों और ईसाईयोंका तुष्टिकरण करनेवाले एवं अनेक बार हिन्दू सन्तों एवं देवी-देवताओंकी विडम्बना करनेवाले इत्यादि भी हिन्दू होते हैं; इसीलिए हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनासे पूर्व इन सभी राष्ट्रद्रोही, धर्मद्रोही और समाजद्रोही हिन्दुओंको प्रथम पाठ पढाना होगा; क्योंकि हिन्दुत्त्वके नामपर इस कलंकको मिटानेके पश्चात ही धर्म संस्थापनाका कार्य सम्भव हो सकता है ! वैसे भी कलियुगके आरम्भसे पूर्व ही पाण्डवोंको प्रताडित करनेवाले उसके स्वजनोंने कलियुग कैसा होगा इसकी प्रतीति दे ही दी थी; अतः क्षात्रधर्म साधनाका शुभारम्भ, ऐसे अधर्मी स्वजनोंके विरुद्ध शंखनाद कर, ही करनी होगी ! – तनुजा ठाकुर



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