औवेसीने अयोध्या मन्दिरके विषयमें पुनः किया विषवमन
०६ अगस्त, २०२१
बात-बातमें भारतीय संविधानका सन्दर्भ और ‘विधान’की दुहाई देनेवाले ‘ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमान’के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसीने अयोध्या प्रकरणमें सर्वोच्च न्यायलयके निर्णयको तिरस्कृत करते हुए एक बार पुनः बाबरी ढांचा विध्वंसका राग अलापा है । ‘आजतक’के एक कार्यक्रममें उन्होंने भाजपाके विरुद्ध विवादित वक्तव्य दिया और कहा कि जबतक वह जीवित है, तबतक मुसलमान समाजको बताएंगे कि भाजपाने बाबरी ढांचेको विध्वंस किया है । ओवैसी अनेक अवसरोंपर अयोध्या मन्दिरके स्थानपर बाबरी ढांचा होनेका अनर्गल वक्तव्य कार्यक्रमोंमें देते आए हैं ।
असत्य और घृणित वक्तव्योंकी पुनरावृत्तिकर समाजमनमें अपभ्रंश स्थापितकर उसे सत्य बनाना म्लेच्छोंकी वृत्तिमें कूट-कूटकर भरा है; इसलिए इनके वक्तव्य और इनकी राजनीति भी छल और असत्यपर आधारित रहती है । श्रीरामका अस्तित्व और अयोध्यामें राम मन्दिर, यह वास्तविकता सनातन है । भारतवर्षमें हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनसे निकृष्ट और विभाजनकारी राजनीतिक तत्त्वों और मूल्योंका अस्तित्व स्वतः ही शून्य होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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