‘टेरर फंडिंग’वाले विदेशी सङ्गठनोंसे ‘एआईयूडीएफ’के अजमल ‘फाउंडेशन’को प्राप्त हुए ६९.५५ कोटि रुपए, असममें कांग्रेसका है समर्थक


०५ दिसंबर, २०२०

बदरुद्दीन अजमलका पक्ष ‘ऑल इण्डिया डेमोक्रेटिक फ्रन्ट’ असममें कांग्रेसका समर्थक रहा है । इस पक्षको विभिन्न सन्दिग्ध स्रोतोंसे ६९.५५ कोटि रुपयोंकी विदेशी आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है । संस्थापर यह आरोप ‘लीगल एक्टिविस्ट’ समूह, ‘लीगल राईट्सऑब्जरवेटरी’ने (एलआरओ) लगाया है । इन्होंने कहा है कि अजमल ‘फाउंडेशन’को प्राप्त धन ऐसे स्रोतोंसे आया है, जो ‘टेरर फाइनैंसिंग’ और ‘मनी लॉन्ड्रिंग’की गतिविधियोंमें लिप्त हैं ।
‘एलआरओ’ने कहा कि ‘एनजीओ’को प्राप्त धनमेंसे २.०५ कोटि, शिक्षापर व्यय कर चुके हैं और बाकी धन ‘एआईयूडीएफ’को दिया गया है, जिससे वह असमके राष्ट्रवादी पक्षोंको पराजित कर सके । ‘एलआरओ’ने तुर्की, फिलिस्तान और ब्रिटेनके इस्लामी समूहोंके नामोंका खुलासा किया है, जो इन्हें धन उपलब्ध करवा रहे हैं ।
विदेशके कुछ आतङ्की सङ्गठनोंसे ‘एआईयूडीएफ’के सम्बन्ध ज्ञात हुए हैं । ‘यूके’का अल इम्दाद ‘फाउंडेशन’ इनमेंसे एक है । यह सङ्गठन हमाससे सम्बन्धित है, जो अनेक बार इजराईलमें विस्फोट (बमबारी) कर चुका है । यह ‘हलाल सर्टिफिकेशन फीस’ लक्षावधि वसूलता है तथा उसे आतङ्की गतिविधियोंमें उपयोग करता है ।
दूसरा समूह है उम्माह ‘वेलफेयर ट्रस्ट’ । समाचार पत्र अल अरेबियाके अनुसार, यह आतङ्कवादी इकाईके रूपमें नामित है ।
तीसरा समूह है, तुर्कीका ‘इंसानी यरदीम वक्फी’ । इसका सम्बन्ध अलकायदा और ‘ग्लोबल जिहाद नेटवर्क’से है । इस समूहका सम्बन्ध ‘पीएफआई’से भी है ।
उल्लेखनीय है कि ‘पीएफआई’ ‘सिमी’ जैसे कट्टरपन्थी समूह राष्ट्र विरोधी गतिविधियोंमें धन व्यय करनेके कारण कुख्यात हैं । इनके ‘आईएसआईएस’से भी सम्बन्ध हैं ।
अजमल ‘फाउंडेशन’को धन उपलब्ध करवानेवाला एक समूह ‘मुस्लिम एड यूके’ भी है । इसका आतङ्की समूह हिजबुल मुजाहिदीनसे सम्बन्ध है ।
‘एलआरओ’ने इसपर जानकारी एकत्रित करके गृहमन्त्रालयको भेज दी है । आरोप अनुसार, यदि इन्हें प्राप्त धन नियम विरुद्ध होगा तो इनका अनुज्ञापत्र (लाइसेंस) निरस्त होगा ।
बदरुद्दीन अजमल और उनका पक्ष अवैध गतिविधियोंके कारण विवादोंमें रहे हैं । इनपर ‘लवजिहाद’के साथ साथ जिहादी प्रशिक्षण देनेका आरोप भी लग चुका है । भाजपाने आरोप लगाया था कि कांग्रेस शासनकालमें अनेक अवैध प्रवासी यहां आकर बस गए, जिससे स्थानीय जनोंको अपना स्थान त्यागकर जाना पडा ।

          आतङ्की समूहोंसे यदि अजमल ‘फाउंडेशन’को धन प्राप्त हो रहा है, तो इनका अनुज्ञापत्र (‘लाइसेन्स’) त्वरित निरस्त होना चाहिए । ऐसी संस्थाएं देशके लिए निश्चित ही अतिशय घातक हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ

स्रोत : ऑप इंडिया

 



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution