‘बुर्का’ पहनकर चिकित्सालयमें घूम रहे मुसलमानको पकडकर की गई पिटाई, सौंपा गया पुलिसको
१० सिंतबर, २०२१
उत्तर प्रदेशके अकबरपुर जनपदके चिकित्सालयमें एक मुसलमान युवकको लोगोंने ‘बुर्का’ पहनकर घूमते हुए पकड लिया । महिलाओंकी दृष्टि पडनेपर उसने भागनेका प्रयास किया; परन्तु लोगोंने उसे पकड लिया एवं उसकी पिटाई की तथा पुलिसको सौंप दिया । जिहादीका नाम रईस है एवं वह कानपुरके चमनगंजके निवासी जमीलका पुत्र है । वह चिकित्सालयकी ही एक महिला चिकित्सक, गजाला अंजुमकी गाडीका चालक है ।
‘बुर्का’ पहनकर घूम रहे रईसके चलनेपर कुछ महिलाओंको शङ्का हुई तो उन्होंने इसकी जानकारी चिकित्सालयके कर्मचारियोंको दी । सखी केन्द्रकी महिला निधि सचानने जब कर्मियोंके साथ उसे रोकनेका प्रयास किया तो वह भागने लगा । प्रथम वह आपातकाल कक्षमें घुस गया, तत्पश्चात वह चिकित्सालयकी सीमाभीतको (बाउंड्रीको) फांदनेका प्रयास करने लगा । लोगोंने उसे आतङ्की समझकर कोलाहल किया, तो भागनेसे पूर्व कर्मचारियोंने उसे पकड लिया और उसकी पिटाई कर दी । इसके पश्चात, सूचना मिलनेपर पुलिस उसे थानेमें ले गई ।
प्रत्येक जिहादी स्वयंको विक्षिप्त घोषितकर स्वयंके रक्षणका प्रयास करता है; परन्तु महिला चिकित्सकद्वारा ऐसे विक्षिप्त जिहादियोंको गाडीका चालक कैसे नियुक्त किया जाता है ? यह आश्चर्यकी बात है । चिकित्सालयको किसी प्रकारकी हानि पहुंचाने हेतु जिहादीको ‘बुर्के’में नहीं; अपितु कारागृहमें होना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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