नवम्बर २६, २०१८
उत्तर प्रदेशमें एक मुस्लिम अधिकारीके समक्ष भारत विरोधी नारे लगानेका प्रकरण सामने आया है । इस घटनाके पश्चात ४७ लोगोंपर देशद्रोहका अभियोग प्रविष्ट किया गया है । प्राप्त जानकारीके अनुसार राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान लखनऊके राजापुरम क्षेत्रमें कार्यक्रममें सम्मिलित होने पंहुचे थे । इसी मध्य कथित रूपसे भारत विरोधी नारे लगाए गए । नारा लगानेके आरोपमें दो स्थानीय लोगोंपर देशद्रोहका अभियोग प्रविष्ट किया गया है, जबकि इसी प्रकरणमें ४५ अज्ञात लोगोंके विरुद्घ देशद्रोहका प्रकरण प्रविष्ट किया गया है ।
कार्यक्रममें उपस्थित रहे अधिकारी उस्मानसे जब इस प्रकरणमें पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब तक मैं वहां उपस्थित रहा, तब तक इस प्रकारका कोई नारा नही लगाया गया था । उनका कहना था कि हमें बस चायके लिए आमन्त्रित किया गया था और उसके तुरन्त बाद वे वहांसे निकल गए थे । उन्होंने कहा वहां कोई स्टेज या औपचारिक कार्यक्रम नही था । उस्मानने बताया कि मुझे स्मरण है कि मैं वहां शनिवार, २४ नवम्बर शाम ७.३० बजे वहां पहुंचा था और मेरे अनुसार वहां ऐसा कुछ भी नही हुआ ।
तालकटोरा पुलिस थानेमें प्रविष्ट हुई परिवादके अनुसार शहादत उस्मान, शाहजेब अली खान और कुछ अज्ञात लोगोंने कार्यक्रममें ‘भारत मुर्दाबाद और पाकिस्तान जिन्दाबाद’के नारे लगाए ! साथ ही इन नारोंका विरोध करने वालोंको चेतावनी दी । इस घटनाके पश्चात सैकडों लोगोंने आरोपियोंके घरके बाहर प्रदर्शन किया । स्थितिको तनावपूर्ण देख कर प्रशासनने पुलिस और पीएसीके जवानोंको वहां तैनात किया, जबकि आरोपी भागा हुआ है ।
इसपर राजापुरमके रहने वाले अभय प्रतापने थानेमें दी अपनी परिवादमें कहा है कि शनिवार रात ८ बजे शहादत उस्मान, शाहजेब अली खानकेद्वारा एक स्वागत समारोहका आयोजन किया गया था । इस कार्यक्रममें राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान मुख्य अतिथि थे । उनके अतिरिक्त वहां काफी लोग थे । वहां भारत विरोधी नारे लगे !
तालकटोरा पुलिस थानेके अधिकारी संजय कुमार पांडेयने बताया कि धारा १४७, १२४-ए, ५०४, १५३-बी और ५०६ के अन्तर्गत एफआईआर प्रविष्ट कर ली है ।
यह प्रकरण राज्यमें राम मंदिरके कारण सभाका आयोजन बताया जा रहा है; किन्तु अधिकारी प्रकरणकी गम्भीरतासे जांच कर रहे है ।
“आए दिन भारत विरोधी नारोंके प्रकरण आते हैं, क्योंकि इस देशमें दण्डका भय किसीको नहीं है । इन पाकिस्तान प्रेमियोंके लिए राष्ट्रद्रोहके कारण क्या मृत्युदण्ड ही सर्वोचित न्याय नहीं होगा, अन्यथा ये यहां राष्ट्रको खोखला करते रहेंगे ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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