‘एलेप्पी एक्सप्रेस’से सन्दिग्ध स्थितिमें मिले ८७ बच्चे !


जुलाई १२, २०१८

बोकारो रेलवे स्टेशनपर गुरुवारको ‘एलेप्पी एक्सप्रेस’से ८७ बच्चे सन्दिग्ध स्थितिमें पाए गए । ‘मानव तस्करी’की आशंकाको देखते हुए ‘बाल कल्याण समिति’ और पुलिसकी संयुक्त कार्रवाईमें इन बच्चोंको रेलयानसे उतारा गया तथा प्रकरणकी जांचकी जा रही है ।

इस सम्बन्धमें पूछे जानेपर ‘बाल कल्याण समिति’के अध्यक्ष डॉ. विनय आयोगने बताया कि रांची पुलिसको मिली गुप्त सूचनाके आधारपर यह कार्रवाई हुई है । उन्होंने कहा कि रांची पुलिसने बोकारोके पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस.को जामताडासे बहुत सारे बच्चोंको तेलंगानाले जानेकी सूचना दी । इसके आलोकमें बालीडीह पुलिस तथा ‘बाल कल्याण समिति’की संयुक्त कार्रवाईमें ‘एलेप्पी एक्सप्रेस’से कुल ८७ अव्यस्क बालक तथा छह वयस्क लोगों मिले हैं । उनके सामान उतार ले लिए गए हैं और आगे की कार्रवाईकी जा रही है ।

डॉ. विनयने रेलयानसे उतारे गए वयस्क जनोंसे पूछताछके आधारपर कहा कि उक्त बच्चोंको तेलंगानाके खम्मम नामक स्थानपर एक मदरसेमें ले जाया जा रहा था ! अब जांचकी जाएगी कि प्रकरण ‘मानव तस्करी’से सम्बन्धित है या शिक्षा से । जांचोपरान्त समुचित कार्रवाईकी जाएगी ! वहीं बालीडीह थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक कमल किशोरने बताया कि मिले ८७ बच्चोंमें से अधिकांशकी आयु ७ से ८ वर्षकी है, जबकि छह बडे लोग उतारे गए हैं । उनके साथ उपस्थित हाफिज नामक एक वयस्क युवकने उक्त बच्चोंको तेलंगाना ले जानेके सम्बन्धमें सूचना दी है, परन्तु प्रथम दृष्टया प्रकयण सन्दिग्ध प्रतीत हो रहा है ।

पुलिसके अनुसार उक्त बच्चोंको झारखण्डके जामताडा प्रान्त अन्तर्गत नारायणपुरसे ले जाया जा रहा था । मानव तस्करीकी आशंकाके कारण ‘सीडब्ल्यूसी’के साथ मिलकर बालीडीह पुलिसने राजकीय रेल पुलिस एवं रेलवे सुरक्षा बलके संयुक्त प्रयाससे उक्त कार्य किया है । इन्हें ले जानेमें शासकीय व्यवस्था अथवा नियमका पालन हो रहा था कि नहीं, इसकी जांच ‘बाल कल्याण समिति’ विधिवत करेगी । जांचके पश्चात ही आगेकी कार्रवाई होगी । बच्चोंको ‘बाल कल्याण समिति’की सहायतासे यहां उनके निवास, भोजन आदिकी व्यवस्थाकी जाएगी ।

ज्ञात है कि राज्यके मुख्यमन्त्री रघुवर दासने बच्चोंके क्रय-विक्रय एवं तस्करीको लेकर कडापन दिखाया है और इस प्रकरणमें ‘बाल कल्याण समिति’को विशेष रुप से कार्य करनेका आदेश दिया है । ऐसे में बोकारोमें एक साथ इतनी संख्यामें बच्चे मिलना ‘कहीं न कहीं’ प्रकरणको सन्दिग्ध बताती है ।

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution