देहलीमें वृक्षसे लटका मिला १७ वर्षीय आलोकका शव, परिजनने बताया मुसलमान लडकीसे प्रेमका परिणाम
२१ सितम्बर, २०२१
देहलीके शालीमार बागके एक नवयुवक आलोक कुमार कश्यपका शव, सन्दिग्ध परिस्थितिमें पाया गया । आलोकके परिजनने, एक मुसलमान लडकीके परिवारवालोंपर, उसकी हत्याका आरोप लगाया है । १७ वर्षीय आलोक कुमारके शवको ‘पुलिस’ने १९ सितम्बर २०२१ को प्राप्त किया था । इसके पश्चात अन्त्यपरीक्षणकी (पोस्टमार्टमकी) प्रक्रिया पूर्ण होनेपर, उसे परिजनको सौंप दिया गया । वहीं, मृतकके परिजनने आरोप लगाया है कि लडकीके मुसलमान परिवारने लडकेकी हत्याकर, उसके शवको वृक्षसे लटका दिया है ।
बताया जा रहा है कि आलोक कुमारका एक मुसलमान लडकीके साथ प्रेम सम्बन्ध था । उसी लडकीने, गत शुक्रवारको आलोकको अपने घर बुलाया था व चलभाष छोडकर आनेको भी कहा था । लडकीके परिजन आलोकपर दबाव बना रहे थे कि वह अपने परिवारको छोड दे और लडकीसे विवाह कर ले । वहीं, लडका परिवारको छोडने हेतु तत्पर नहीं था । इसी कारण, लडकीके पिताने आलोकको पाठ पढानेकी धमकी भी दी थी और उसी दिनसे आलोक लुप्त (गायब) हो गया । आलोकके साथ मारपीटका एक दृश्यपट भी सामने आया है । ‘पुलिस’ इस बातकी जांच कर रही है कि दृश्यपट कबका है ?
वहीं, आलोककी बहनने बताया कि भाईके लुप्त होनेके पश्चात, जब पिता मुसलमान परिवारके पास जानकारी हेतु पहुंचे, तो उनके साथ भी मारपीटकी गई तथा स्पष्ट रूपसे कहा गया कि “हां हमने मारा है ! क्या कर लोगे ? तथा यह भी कहा कि जो दो शेष हैं, उन्हें भी सुरक्षित रखना अन्यथा उन्हें भी मार डालेंगे ।” प्रकरणके विरोधमें विश्व हिन्दू परिषद समेत अनेक हिन्दू सङ्गठन परिजनके साथ मार्गपर उतर आए हैं व न्यायकी मांग कर रहे हैं ।
जहां हिन्दू युवतियोंको ‘लव-जिहाद’द्वारा प्रताडित किया जा रहा है, तो वहीं हिन्दू युवकोंकी निर्ममतासे हत्याकी जा रही है । इन सब प्रकरणोंपर शासन मूक व बधिर सामान, मात्र सब कुछ देख रहा है । अब हिन्दुओंका अपने रक्षण हेतु सङ्गठित होना कालकी मांग बन चुका है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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