दिसम्बर ७, २०१९
नोबेल पुरस्कारसे सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेनने अभिनेता नसीरुद्दीन शाहका समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें उद्विग्न करनेके प्रयास किए जा रहे हैं । देशमें भीड हिंसापर प्रतिक्रिया देने और गैर शासकीय संगठनोंपर शासनद्वारा की जा रही कथित कार्यवाहीके विरुद्ध ‘एमनेस्टी इंडिया’के लिए एक वीडियोमें आनेके कारण शाह विवादोंमें आ गए हैं ।
सेनने कहा कि अभिनेताको उद्विग्न करनेके प्रयास किए जा रहे हैं । वीडियोमें शाहने शुक्रवारको कहा कि जो अधिकारोंकी मांग कर रहे हैं, उन्हें बन्दी बनाया जा रहा है । सेनने कहा, ‘‘हमें अभिनेताको उद्विग्न करनेके इसप्रकारके प्रयासोंके विरुद्ध बोलना चाहिए । देशमें जो कुछ हो रहा है, वह आपत्तिजनक है और इसे अवश्य रोका जाना चाहिए ।‘’
उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालयने विदेशी लेनदेन उल्लंघन प्रकरणके सम्बन्धमें यहां ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया’के दो स्थानपर अक्टूबरमें अन्वेषण किया था । शाहकी शुक्रवारकी टिप्पणीपर प्रतिक्रिया देते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता एनी राजाने कहा कि अभिनेताने जो कहा वह सत्य है ।
राजाने कहा, “असहमतिका कोई स्थान नहीं है । यहां तक कि लोकतन्त्रका भी कोई स्थान नहीं है । हम अपने चारों ओर हिंसाके रूपमें इसका साक्ष्य देख सकते हैं ।” मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वुमेंस एसोसिएशन (ऐपवा) सचिव कविता कृष्णनने कहा, “शाहने अपनी चिंताएं व्यक्त की और मुझे आशा है कि लोग इसपर ध्यान देंगें ।”
“वातानुकूलित कक्षमें बैठकर देशका खानेवाले लोगोंको राष्ट्रकी अवमानना करनेमें तनिक भी लज्जा नहीं आती है ! शासन उन्हें राष्ट्र अवमाननाका दण्ड नहीं दे रहा है, इससे अधिक सहिष्णुता सेनको किस राष्ट्रमें मिलेगी ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नव़दय टाइम्स
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