‘कोरोना’ अनियन्त्रित, तत्पश्चात भी ५०० की ‘छोटी भीड’के सम्मुख शपथ लेंगे मुख्यमन्त्री विजयन
१९ मई, २०२१
जहां एक ओर केरल ‘कोरोना’ सङ्क्रमणसे पीडित है, वहीं दूसरी ओर वामपन्थी गठबन्धन एक भव्य समारोहके माध्यमसे भीड इकठ्ठाकर अपने शासनके शपथ ग्रहणकी सज्जतामें लगा हुआ है । उच्चतम न्यायालयमें एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिकने याचिका प्रविष्ट कराकर, इस शपथग्रहण समारोहको रोकनेका निवेदन किया है । उच्चतम न्यायालयमें, प्रविष्ट याचिकामें ‘कोरोना’ दिशा-निर्देशोंका उल्लेख करते हुए, सभी राजनीतिक या धार्मिक समारोहों और प्रदर्शनोंपर रोक लगानेकी बात की गई है ।
अवकाश प्राप्त वैज्ञानिक ‘के.एम.’ शाहजहांने, अधिवक्ता उषा नन्दिनीके माध्यमसे प्रस्तुत की गई याचिकामें कहा है कि न्यूनतम १ माहके लिए, ५० लोगोंसे अधिक जुटानेवाले सभी समारोहोंपर रोक लगाई जाए । राजधानी तिरुवनंतपुरमके ‘सेंट्रल स्टेडियम’में २० मई, २०२१, गुरुवारको मध्यकालीन ३:३० बजे होनेवाले शपथ ग्रहण समारोहमें ५०० लोगोंके सम्मिलित होनेकी बात कही जा रही है । इस हेतु ८०, ००० वर्गफुट’का पण्डाल बनाया जा रहा है ।
आत्ममुग्ध नेताओंको स्वयंकी प्रशंसा और लौकेषणाका भान है; परन्तु महामारीका नहीं, ऐसे नेता लोकतन्त्रकी विफलताके दुष्परिणाम हैं । अतः लोकतन्त्रके स्थानपर हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना होनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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