मार्च ८, २०१९
अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय अधिकतर समय केवल बेकारकी बातोंसे चर्चामें रहता है । इसी श्रृंखलामें, परम्पराको आगे बढाते हुए, यहांके छात्र संघके प्रधान सलमान इम्तियाजने प्रतिबन्धित कश्मीरी संगठन, ‘जमात-ए-इस्लामी’को ‘सामाजिक धार्मिक राजनैतिक संगठन’ कहा है !
सलमान इम्तियाजने कहा, “जमात न तो भूमिगत संस्था है, न ही आतंकी संगठन । यह राज्यमें चुनावी प्रक्रियामें भी सम्मिलित रहा है । १९८९ में जब चुनावोंमें धांधली हुई थी, तबके पश्चात यह संगठन चुनावोंका नकारने लगा था । अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालयसे हम सभी छात्र इस प्रतिबंधका संज्ञान लेते हैं और वर्तमान शासनको ‘जमात’पर लगाए गए आरोपोंको स्पष्ट बतानेको कहते हैं ।”
“यदि ‘जमात’ एक धार्मिक संस्था है और एएमयूमें पणनेवाले धर्मान्ध छात्र तो इस राष्ट्रको न ऐसे धर्म, न उसकी संस्था और न ही ऐसे छात्रोंकी आवश्यकता है, जहांसे कोई आविष्कार तो कभी बाहर नहीं आता है, वरन आतंकी अवश्य बाहर आते हैं, आतंकियोंके समर्थकोंके समाचार अवश्य बाहर आते हैं; अतः जमातके साथ केन्द्र इन जिहादकी इच्छा रखनेवाले धर्मान्ध छात्रोंको भी प्रतिबन्धित करें, यह कमसे कम ‘विद्यार्थी’ शब्दकी लज्जा बनाए रखनेके लिए उचित पग होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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