दिसम्बर ७, २०१८
देश भरमें प्याज और लहसुनके गिरती मूल्योंके चलते किसानोंकी समस्याएं बढती ही जा रही हैं । ऐसेमें किसानोंने अपनी समस्याओंको सरकार तक पहुंचानेके लिए एक नया ढंग खोज निकाला है । जिसके अन्तर्गत पहले तो नासिकके एक किसानने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीको विक्रय किए गए प्याजसे मिले रुपयोंको मनीऑर्डर किया तो वहीं अब येवला एक किसानने यही ढंग अपनाते हुए मुख्यमन्त्री देवेन्द्र फडणवीसको मनीऑर्डरकेद्वारा प्याज विक्रय कर मिले २१५ रुपये भेजे हैं ।
महाराष्ट्रमें किसानोंको प्याजकी लागत तक नहीं मिल पा रही है, जिससे किसानोंमें उदासी छाई हुई है । ऐसेमें किसानोंका कहना है कि मण्डीमें खडे होकर अपनी बारीकी प्रतिक्षा करने और ट्रेक्टर-ट्रॉलीमें पैसे नष्ट करनेसे तो अच्छा हम यह प्याज या तो अपने जानवरोंको खिला दें या ऐसे ही फेंक दें ! बता दें महाराष्ट्रके येवलाके अंदरसुल मार्केटमें किसानोंको १ क्विटंल प्याजके लिए ५१ रुपये मिले हैं ।
५० पैसे रुपये किलो प्याज विक्रय होनेसे क्रोधित किसान चन्द्रकान्त देशमुखने बताया कि उसे ५ क्विटंल प्याज विक्रय करनेपर २७० रुपये ५० पैसे मिले हैं, जो कि प्याजकी ढुलाई और अन्य व्यय निकाल २१६ रुपये शेष रहे थे । जिससे क्रोधित होकर चंद्रकान्त देशमुखने प्याजके गिरते मूल्यपर ध्यान खींचनेके लिए महाराष्ट्रके मुख्यमन्त्री देवेन्द्र फडणवीसको प्याज विक्रयकर मिली राशि मनीआर्डर कर दी है ।
“स्वतन्त्रता पश्चात सहस्त्रों किसान आत्महत्या कर चूकें हैं और यह प्रकरण अब भी जारी है और कोई भी सरकार केवल घोषणाके अतिरिक्त किसानोंके लिए व कृषिमें सुधारके लिए कुछ भी करनेको सज्ज नहीं है और जीएओ बीजको बढावा देकर यह स्थिति और विकट हो रही है; अतः अब हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अति आवश्यक है, तभी ही कृषि व किसानका वास्तविक विकास हो पाएगा ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जी न्यूज
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