आंध्र प्रदेशमें पादरीने १० वर्षकी बच्चीके साथ किया दुष्कर्म
८ जुलाई, २०२१
आंध्र प्रदेशके काकीनाडा स्थित सर्पवरममें पादरीद्वारा १० वर्षकी अवयस्क बच्चीका यौन शोषण करनेका प्रकरण सामने आया है । पुलिसने ४६ वर्षीय पादरी अलावला सुधाकरको बन्दी बना लिया है । जानकारीके अनुसार, आरोपी काकीनाडा क्षेत्रके एक गांवमें पादरी है ।
आरोपी पादरीने २२ जून २०२१ को दुष्कर्म करनेके साथ ही पीडितासे मारपीट भी की थी । बच्चीकी मांको जैसे ही इस घटनाके विषयमें जानकारी मिली उसने सर्पवरम थानेमें पादरीके विरुद्ध दुष्कर्मका परिवाद प्रविष्ट किया । इसके पश्चात पुलिसने आरोपीको बन्दी बना लिया गया । आरोपीने युवतीको पासकी एक कुटियामें ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था ।
पादरियोंद्वारा अवयस्कोंका यौन शोषण लम्बे समयसे एक ज्वलन्त प्रकरण रहा है, जिसे गिरिजाघरोंने छुपानेका प्रयास किया है । पूर्व जानकारी अनुसार १९५८ से वर्ष २०२० तक २९२ पादरियोंने ३०० बच्चोंका यौन शोषण किया था । इसके उपरान्त ‘कैथोलिक चर्च’ने इस घटनाको स्वीकार किया था कि उन्हें विगत तीन वर्षोंमें ३६८ युवक और युवतियोंके साथ यौन शोषणकी जानकारी मिली थी ।
मुसलमान और ईसाई पन्थोंके अनेक दुष्कर्मोंकी जानकारी केन्द्र और राज्य शासनको है; परन्तु केन्द्रकी सत्ता, उनपर कोई विशेष कार्यवाही नहीं कर रही हैं । क्या यह उचित है ? नहीं; परन्तु शासकगण इसपर व न्यायालय भी इसपर विशेष ध्यान नहीं देते हैं । तभी सम्भवतः ये निडर होकर ऐसे कुकर्म करते हैं । इनपर पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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