जनवरी २५, २०१९
आंध्र प्रदेशके मुख्यमन्त्री एन.चंद्रबाबू नायडू चाहते हैं कि उनके राज्यके लोग तीनसे अधिक बच्चे करें । ऐसा करनेपर उनका शासन राज्यवासियोंको प्रोत्साहन देगा । शुक्रवार, २५ जनवरीको अमरावतीमें एक जन सभाके मध्य उन्होंने स्थानीय लोगोंको परामर्श देते हुए कहा कि वे बिना किसी कठिनाईके दोसे अधिक बच्चोंको जन्म दें !
मुख्यमन्त्रीने कहा, “मैं उस धाराको वापस लेकर आऊंगा, जिसे पंचायत अधिनियमके अन्तर्गत अस्वीकृत कर दिया गया था ।” वास्तवमें, अधिनियमके अनुसार वहांपर दोसे अधिक बच्चोंको जन्म देनेवालोंके मतदानमें प्रतिस्पर्धा करनेपर प्रतिबन्ध है ।
नायडूने कहा कि युवा पीढी विवाहसे बचती है या वह बच्चोंको जन्म देनेकी इच्छुक नहीं होती है । यदि वह बच्चोंको जन्म दे भी देते है तो उसकी संख्या केवल एकतक रह जाती है ! उन्होंने आगे यह भी कहा कि राज्य शासन तीनसे चार बच्चोंको जन्म देनेवालोंको बढावा देगा ।
चीन, जापान और अन्य यूरोपीय देशोंमें युवाओंकी अल्प संख्याको लेकर वह बोले, “वर्तमान समयमें जन्म दर, मृत्यु दरसे अधिक है । यद्यपि, अभी इससे कोई समस्या नहीं होगी; परन्तु इसे देशके भविष्यके ढंगसे इसपर ध्यान किया जाना चाहिए ।”
“देशका हिन्दू युवा पाश्चात्य कुसंस्कारोंसे प्रेरित होनेके कारण विवाह नहीं करना चाहता है और विवाह करनेके पश्चात भी एक ही सन्तानको जन्म देता है, वहीं मुसलमान २०-२५ बच्चोंको जन्म देता है ! देशमें जनसंख्या विस्फोटके कारण संसाधनोंका वितरण कठिनाईसे हो रहा है । शासनकी तुष्टिकरणकी नीतिके कारण मुसलमान २० बच्चोंका पोषण कर लेता है, वहीं हिन्दू १ बच्चेको भी ठीकसे नहीं पाल पाता है । शासन मुसलमानोंकी विस्फोट होती हुई संख्याको रोके, हिन्दू तो इसका पालन कर ही रहे हैं, अन्यथा जो संसाधन अभी हिन्दुओंको प्राप्त हो रहे हैं, कहीं उनसे भी हाथ धोना न पडे !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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