मार्च २७, २०१९
भारतके एक ‘एंटी-सेटेलाइट मिसाइल’ने (ए-सैट) बुधवार, २६ मार्चको अन्तरिक्षमें एक दूसरे सेटेलाइटको मार गिराया ! ‘ए-सैट’ने ३०९ किलोमीटर दूर अपना लक्ष्य बनाया । इसीके साथ भारत उन देशोंमें सम्मिलित हो गया, जिनके पास ऐसी क्षमता है । अमेरिका, रूस और चीनके साथ भारत भी इस श्रृंखलामें सम्मिलित हो गया । भारतके ‘ए-सैट’के सफल परीक्षणपर पाकिस्तान और चीनने भी प्रतिक्रिया दी है । दोनों देशोंने संकेतमें भारतसे कहा है कि अन्तरिक्षमें ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए, जिससे वहां सैन्य क्षमता बढानेकी होड आरम्भ हो ।
उल्लेखनीय है कि भारतके वैज्ञानिकोंने बुधवार, २६ मार्चको एक ऐतिहासिक कृत्य दिखाते हुए पृथ्वीकी निचली कक्षामें ३०० किलीमीटर दूर एक सेटेलाइटको मार गिराया ! इसीके साथ भारत उपग्रह-भेदी क्षमता प्राप्तकर चौथा अंतरिक्ष महाशक्ति बन गया । भारतके वैज्ञानिकोंकी ओरसे जिस अभियानको किया गया है, वह पृथ्वीकी निम्न कक्षा अर्थात ‘लो अर्थ ऑर्बिट’में किया गया है । जिस शस्त्रसे मारा गया, उसे ‘ए-सैट’ अर्थात ‘एंटी सेटेलाइट मिसाइल’का नाम दिया गया । इस उपलब्धिपर भारतमें प्रसन्नता है तो पाकिस्तानने संकेतोंमें भारतपर कटाक्ष किया है । पाकिस्तानने कहा है कि वह अन्तरिक्षमें शस्त्रोंकी होडका समर्थक नहीं और अंतरिक्षका उपयोग भलाईके लिए होना चाहिए न कि सैन्य क्षमता वृद्धिके लिए ।
पाकिस्तानी शासनके प्रवक्ताने कहा, “पाकिस्तान बाहरी अन्तरिक्षमें शस्त्रोंकी रोकथामका एक प्रबल समर्थक है । अंतरिक्ष मानवताकी साझी विरासत है और प्रत्येक देशका उत्तरदायित्व है कि वह उन कार्योंसे बचे, जिससे अन्तरिक्षमें सेनाका दबदबा बढे । हमारा मानना है कि अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष विधानको ध्यानमें रखते हुए यह निर्धारित करनेकी आवश्यकता है कि कोई भी देश सामाजिक-आर्थिक विकासके लिए स्पेस तकनीकका उपयोग ऐसे न करे, जिससे किसीकी शांति भंग हो ।
उल्लेखनीय है कि ‘ए-सैट’ने पूर्व निर्धारित लक्ष्य केवल तीन मिनटमें नष्ट कर दिया । इसके साथ ही भारतने स्वयंको अंतरिक्ष महाशक्तिके रूपमें स्थापित कर दिया ।
चीनने ‘ए-सैट’पर वक्तव्य दिया और आशा प्रकट की कि सभी देश बाहरी अंतरिक्षमें शांति बनाए रखेंगे ।
चीनके विदेश मन्त्रालयने ‘पीटीआई’के एक प्रश्नपर लिखित उत्तरमें कहा, ‘‘हम आशा करते हैं कि प्रत्येक देश बाहरी अंतरिक्षमें शांति बनाए रखेंगे ।’’
“विद्वान कहते हैं कि बोलना उतना ही चाहिए कि जो आपके कृत्योंको और व्यक्तित्वकी परिभाषा दे; परन्तु हास्यास्पद है कि पाकिस्तान कह रहा है कि अन्तरिक्षमें शान्ति बनी रहे और यह सबकी साझी विरासत है, जो देश स्वयं सबकी शान्ति भंग किए है, वह शान्तिकी बात करता है !! यह तो अभी आरम्भ है, आनेवाले समयमें भारत प्रत्येक क्षेत्रकी नूतन ऊंचाइयोंको छूएगा और विरोधी देखते ही रहेंगें और इस कार्यके लिए मोदी शासन और ‘डीआरडीओ’के सभी वैज्ञानिक अभिनन्दनके पात्र है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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