अपराजिताके औषधीय गुण


अपारिजिता एक आयुर्वेदिक और सुलभ बारहमासी बेल है जो उष्‍णकटिबंधीय क्षेत्रोंमें होती है ।
यह एक औषधीय गुणोंवाली जडी बूटी है जो सामान्य घरेलू पौधोंकी भांति घरोंमें उगाई जाती है । अपारिजिता पौधेको बहुत ही कम देखभालकी आवश्‍यकता होती है । अपारिजिताके संपूर्ण पौधेके संपूर्ण भाग औषधीय उपयोगके लिए हैं । विशेष रूपसे इस पौधेकी जड जो श्वेत कुष्ठके (leucoderma) उपचारके लिए उपयोगकी जाती है । अपारिजिताके लाभ विषहरके रूपमें भी उपयोगके लिए जाने जाते हैं । यह पौधा एक बेलके रूपमें अन्‍य पेड पौधोंकी सहायतासे बढता है । इसके पत्‍ते हरे और चमकीले होते हैं तथा पुष्प नीले या श्वेत होते हैं ।

अपराजितामें पोषक तत्त्व बहुत अच्‍छी मात्रामें होते हैं जो इसे हमारे लिए बहुत ही उपयोगी बनाते हैं । अपराजिताके पुष्पोंमें कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, पोटेशियम, जस्‍ता, आयरन और मैंगनीज बहुत अच्‍छी मात्रामें उपलब्‍ध होते हैं । यह सोडियममें भी समृद्ध होते हैं । इस पौधेमें बहुतसे विटामिन और एंटीऑक्‍सीडेंट (antioxidants) होते हैं, जो हमें बहुतसे स्‍वास्‍थ्‍य लाभ दिलानेमें सहायता करते हैं ।
आयुर्वेदके पंचकर्म उपचारमें अपराजिताका प्रयोग सामान्यतः किया जाता है । ये उपचार शरीरमें दोषोंको दूर करनेमें सहायता करते हैं । अपराजिताके लाभ शरीरके आंतरिक और बाहरी विषाक्तता दूर करनेके लिए डिटॉक्सिफिकेशनके (detoxification) लिए बहुत ही प्रभावी होते है । यह तंत्रिका तंत्रके लिए बहुत ही लाभदायक होता है, जिसके कारण वात विकारोंका उपचार करनेमें सहायता मिलती है ।
प्रोथोस्यनिडिन (proanthocyanidin) नामक एंटीआक्‍सीडेंटकी अच्‍छी मात्रा अपराजितामें होती है जो आंखोंकी कोशिकाओंमें रक्‍त प्रवाहको बढाती है जो कि ग्‍लूकोमा, धुंधली दृष्टि, रेटिना क्षति या आंखोंकी थकान आदिको दूर करनेके लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण होता है । यदि आपको आंखोंसे संबंधित किसी भी प्रकारकी समस्‍या हो तो आप अप‍राजिताका उपयोग कर सकते हैं ।

इस औषधीय पत्तियोंका उपयोग पित्‍तको शुद्ध करनेके लिए किया जाता है जो अपराजिताके लाभको और अधिक बढाते हैं । इस पौधेके पत्‍तोंका उपयोग कर उदरशूलका (पेट दर्द) उपचार भी किया जा सकता है जो कि आपके पाचन तंत्रसे संबंधित हो सकता है । पेट या इसी प्रकारकी अन्‍य वेदनाको ठीक करनेके लिए आप अपराजिताके बीजोंका भी उपयोग कर सकते हैं । आप इन बीजोंका चूर्ण बनाकर दिनमें इसे दो बार सेवन करें । यह आपके पाचनको ठीक करने और उदरशूलसे विराम दिलानेमें सहायता करेगा ।
उबकाईको रोकनेके लिए अपराजिताके पौधेसे निकाले जानेवाले अर्कका उपयोग किया जाता है । अपराजिताके लाभ रोगाणुरोधी विशेष रूपसे अतिसारसे (पेचिश से) संबंधित (anti-dysenteric) समस्‍याओंको रोकनेमें सहायता करते हैं । इस पौधेके रसमें एक हलका रेचक (पेटको साफ करने वाला) गुण होता है । अपराजिताका उपयोग गैस्ट्रिटिस (gastritis), दस्‍त और गुदा रक्‍तस्रावके उपचारमें भी किया जाता है ।

अपराजिताका पुष्प महिलाओंके लिए लाभप्रद – महिलाओंको अपने लिए अपराजिताके लाभ पता होना चाहिए । यह उनके लिए एक विशेष प्रकारकी औषधिका कार्य करती है जो उन्‍हें अनियमित मासिककी समस्यासे निपटनेमें सहायता करती है । इसके अतिरिक्त अपराजिताके पुष्प महिलाओंमें प्रजनन संबंधी समस्‍याओंको भी दूर करनेमें सहायक होते हैं ।
मधुमेहके लिए अपराजिताके लाभ
मधुमेह रोगियोंके लिए अपराजिताके लाभ आश्चर्यजनक हैं क्‍योंकि यह रक्‍त शर्कराके स्‍तरको नियंत्रित करनेमें सहायता करते हैं । भोजनके उपरान्त इसके पुष्पोंकी चायका सेवन करनेसे यह रक्‍त शर्कराके स्‍तरको कम करनेमें सहायता करती है साथ ही यह आपके शरीरमें रक्त शर्कराकी मात्राको स्थिर बनाए रखनेमें सहायक होती है ।

अपराजिताकी बेलके लाभ तंत्रिका तंत्रके लिए –
शरीरमें अच्‍छे चयापचयके लिए तंत्रिका तंत्र प्रमुख भूमिका निभाता है । अपराजितामें कुछ ऐसे यौगिक होते हैं जो तंत्रिका तंत्रके कार्यको सुचारु बनानेमें सहायता करते हैं । दूसरे शब्‍दोंमें यह भी कहा जा सकता है कि अपराजिताके लाभ मस्तिष्‍कको स्‍वस्‍थ्‍य और तीक्ष्ण बनानेमें सहायता करते हैं ।
अपराजिताके लाभ बालोंको झडनेसे रोकें –
प्राचीन समयसे ही अपराजिता जडी बूटीका उपयोग पुरुषोंके गंजेपन और बालोंके गिरनेकी समस्‍याके उपचारके लिए किया जा रहा है । अपराजितामें एक प्रमुख घटक एंथोसायनिन (Anthocyanin) होता है जो सिरमें रक्‍त प्रवाहमें वृद्धि करता है और बालोंको पोषण उपलब्‍ध करानेके साथ साथ उन्‍हें गिरनेसे बचाए रखता है ।
अवसाद कम करनेमें अपराजिताका उपयोग – इसमें अवसादको कम करने वाले गुण होते हैं । अपराजिताके लाभ तनावको कम करने और मस्तिष्‍कको स्‍वस्‍थ्‍य रखनेके लिए उपयोग किया जाता है । एक अध्‍ययनमें पाया गया कि अपराजिताका सेवन करनेसे यह मानसिक तनावको कम करता है । यदि आप भी चिंता या अवसादसे ग्रसित हैं तो अपराजिताके लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं ।

अपराजिताके बीज हृदय स्‍वास्‍थ्‍यके लिए –
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यके लिए अपराजिताका उपयोग बहुत ही लाभकारी होता है । एक अध्‍ययनके अनुसार अपराजिता ट्राइग्लिसराइड्स (triglycerides) और कोलेस्‍ट्रॉलको कम करनेमें सहायता करते हैं । अपराजिताके बीज और जड दोनोंमें ट्राइग्लिसराइड्सको कम करनेकी क्षमता होती है, और अपराजिताकी जडोंको कोलेस्‍ट्रॉल कम करनेके लिए जाना जाता है । इस कारण अपराजिताके लाभ कार्डियोवैस्‍कुलर स्‍वास्‍थ्‍यपर सकारात्‍मक प्रभाव डालते हैं ।

अपराजिताके गुण ज्वरको कम करनेमें –
शरीरके बढे हुए तापमानको कम करनेके लिए अपराजिताका उपयोग बहुत ही प्रभावी होता है । अपराजिता त्‍वचाके नीचे रक्‍तवाहिकाओंका विकास करके ज्वरको कम (anti-pyretic)) करनेमें सहायता करती है । यदि आप या आपके आसपास कोई भी व्‍यक्ति ज्वरसे ग्रसित हो तो उसके लिए अपराजिताका उपयोग करना लाभदायक हो सकता है ।

अस्‍थमाके लिए अपराजिताके लाभ –
अध्‍ययनोंके अनुसार अपराजिता अस्‍थमाके उपचारमें लाभप्रद होती है । अपराजितामें इथेलॉलिक (ethanolic) गुण होते हैं जो व्‍यक्ति पर एंटी-अस्‍थमात्‍मक (anti-asthmatic) प्रभाव डालते हैं । यदि आपको ऐसा लगता है कि आपमें अस्‍थमाके लक्षण हैं तो आप अपराजिताका उपयोग कर सकते हैं ।

अपराजिताके अन्‍य लाभ
एंटी-कैंसर (Anti-cancer) : अपराजितामें उपस्थित साइक्‍लोटाइड (cyclotides) कोशिका झिल्‍लीको टूटनेसे रोकता है और कैंसर कोशिकाओंके विकासको कम कर कैंसर जीवाणूओंको नष्‍ट करनेमें सहायता करता है ।
एंटी-एचआईवी प्रभाव (Anti-HIV) : अध्‍ययनोंसे पता चलता है कि अपराजितामें उपस्थित साइक्‍लोटाइड ऐसा गुण है जो बहुत ही कम जडी बूटियोंमें पाया जाता है । यह गुण एचआईवी विरोधी होता है । जिन लोगोंको एचआईवीकी आशंका होती है उनके लिए अपराजिता बहुत ही लाभदायक होता है । साथ ही गहरे नीले अपराजिताके पुष्पोंमें फ्लेवोनॉयड्स (flavonoids) होते हैं जो लगभग सभी शाक और फलोंमें पाए जाते हैं, फ्लेवोनॉयड्स शक्तिशाली एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं जिनमें एंटी-इन्‍फ्लामेट्री और प्रतिरक्षा प्रणालीसे (immune system) जुडे लाभ होते हैं ।
गर्भावस्‍थाके लिए (Pregnancy) : नीले पुष्पोंवाला यह औषधीय पौधा बहुत ही चमत्‍कारी प्रभाववाला होता है । इसके पुष्प मादा जननांगकी भांति ही दिखाई देते हैं । इन पुष्पोंको गर्भाधारणमें सहायता करनेके लिए जाना जाता है । इसे कैमोमाइल और हरी चायकी भांति ही उपयोग किया जाता है, जो गर्भावस्‍थाके मध्य एक स्‍वस्‍थ्‍य और अच्‍छा विकल्‍प प्रदान करता है ।

अपराजितासे हानि – सीमित मात्रामें अपराजिताका सेवन करनेसे किसी प्रकारके दुष्प्रभाव नहीं होते हैं तथापि यह परामर्श दिया जाता है कि अपराजिताका सेवन लंबे समयतक अधिक मात्रामें नहीं करना चाहिए । यदि आप गर्भवती हैं या स्‍तनपान करा रहीं हैं तो अपराजिताका सेवन करनेसे पहले चिकित्सकसे परामर्श अवश्य लें !



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution