मई ९, २०१९
श्रीलंका आतंकी आक्रमणकी वेदनादायक स्मृतियां अभी विस्मरण भी नहीं हुई थी कि हिन्दुस्तानके एक मदरसेके भीतरसे वो चीज प्राप्त हुई है, जिससे भयका वातावरण बन गया है तथा देशभरसे अन्य मदरसोंकी भी जांचकी मांग की जा रही है ।
यह प्रकरण पूर्वोत्तरमें असमका है, जहां नलबाडी जनपदके मुकालमुवा थानान्तर्गत बरक्षेत्री पकोवा वरिष्ठ मदरसा विद्यालय शिक्षक मौलाना अली अकबर हुसैनको पुलिसद्वारा एक पिस्तौल और गोली सहित बन्दी बनाया गया है ।
बताया गया है कि मुकालमुवा थाना पुलिसको गुप्त सूत्रोंसे सूचना मिली थी कि मदरसेका शिक्षक अली अकबर हुसैन पिस्तौल-गोलीके साथ मदरसेमें उपस्थित है । इसके पश्चात पुलिसने छापा मारा तथा अली अकबर हुसैनको बन्दी बना लिया तथा थाने ले गई । अवैध शस्त्र रखनेके अपराधमें शिक्षक हुसैनके विरुद्घ थानेमें एक प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । आशंका है कि शिक्षक हुसैन पृथकतावादी तथा जिहादी समूहका संगी है । पुलिस प्रकरणकी जांच कर रही है ।
“अनेकानेक समाचारोंसे गत वर्षोंमें मदरसोंकी सत्यता उजागर हुई है कि किसप्रकार ये आतंकियोंके सहायक सिद्ध हुए हैं । प्रशासनको इस प्रकरणमें यथाशीघ्र कोई कठोर पग अवश्य उठाना चाहिए । यदि श्रीलंका मदरसों और मस्जिदोंकी जांच कर सकता है और २०० मौलवियोंको देशसे बाहर कर सकता है तो भारत ऐसा क्यों नहीं कर सकता है ? हमें यह मानना होगा कि जितनी देरी हम इसपर ध्यान देकर कार्यवाही करनेमें करेंगें, आतंक उतना ही सशक्त होता जाएगा । सत्ता पांच वर्ष रहेगी और देश सदैव रहेगा, यह सभी शासकगणोंने स्मरण रखना चाहिए; अतः भारत शासन निद्रासे जागे और देशहितमें कठोर पग उठाए !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : सुदर्शन न्यूज
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