जनवरी ९, २०१९
चीनने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीकी अरुणाचल प्रदेशकी यात्रापर विरोध प्रकट किया । चीन विदेश मन्त्रालयने कहा कि वह भारतके नेताकी यात्राका विरोध करता है । इसपर भारतने कहा कि अरुणाचल भारतका अभिन्न अंग है । मोदी शनिवार, ९ फरवरीको तीन राज्यों अरुणाचल, असम और त्रिपुराके भ्रमणपर थे । इस मध्य उन्होंने अरुणाचलमें लगभग ४ सहस्र कोटिकी परियोजनाओंका भी शिलान्यास किया ।
चीन विदेश मन्त्रालयने कहा, “चीन भारत ये यह अपील करता है कि दोनों देशोंके द्विपक्षीय सम्बन्धोंको देखते हुए वे चीनकी चिंता और उसके हितोंका आदर करें । दोनों देशोंके मध्य सम्बन्धोंकी प्रगतिपर ध्यान दे और उन चीजोंसे दूर रहे जिनसे विवाद उत्पन्न हो । यह सीमा मुद्दा जटिल हो ।”
इसपर भारतने कहा कि अरुणाचल भारतका अभिन्न और अविच्छेद्य अंग है । भारतके नेता देशके अन्य राज्योंकी भांति समय-समयपर अरुणाचलकी यात्रा करते हैं । कई बार चीनी पक्षको इससे अवगत कराया जा चुका है ।
चीन काफी समयसे इस प्रकरणको उठा रहा है । चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश सदर्न तिब्बतका अंग है । इसे लेकर भारत और चीनकी २१ दौरकी वार्ता भी हो चुकी है । २०१७ में चीनने दलाई लामाकी अरुणाचल यात्रापर भी विरोध प्रकट किया था ।
“ आज देश कांग्रेसके कृत्योंकोही भोग रहा है कि अपनी ही भूमिपर देशका प्रधानमन्त्री जा नहीं सकता है ! निधर्मी नेताओंने अपनी भूमिपर चीनका अतिक्रमण होने दिया और अब चीन लज्जाहीन होकर उसे अपना भाग बता रहा है । भारत शासन इसका प्रखर उत्तर दें, ऐसी सभी राष्ट्रवादियोंकी अपेक्षा है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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