तेलंगाना शासन दे रहा है रोहिंग्या घुसपैठियोंको ‘वोटर कार्ड’, सांसद धर्मपुरीने की जांचकी मांग
२६ मार्च, २०२१
तेलंगाना शासन रोहिंग्याको पारपत्र, आधार कार्ड तथा अन्य महत्त्वपूर्ण पत्रक बनाकर उपलब्ध करा रहा है । भाजपा सांसद अरविन्द धर्मपुरीने लोकसभामें इस बातका रहस्योद्घाटन किया । धर्मपुरीके अनुसार ७२ घुसपैठियोंको अवैध पारपत्र (पासपोर्ट) दिए गए । एक ही पतेपर ३२ पारपत्र दिए गए जो विदेश जानेमें सफल रहे । इनमेंसे १७ अभी भी खाडी देशोंमें, मलेशिया और सिंगापुरमें हैं । उडानसे पूर्व अन्तरराष्ट्रीय वायुयान स्थलपर, वहांके प्रवास अधिकारियोंको घुसपैठिए, उनके प्रश्नोंके उत्तर नहीं दे पाए, जिससे अधिकारियोंका ध्यान उनकी ओर गया । ४० पारपत्रोंका कार्य स्थानीय ‘पासपोर्ट-कार्यालय’को सौंप दिया गया, क्योंकि वे बोधन ‘कस्बे’के ही ४ पतोंपर बनाए गए थे । धर्मपुरीने पुलिस कर्मचारियोंपर आरोप लगाया कि वे सत्यनिष्ठासे कार्य नहीं कर रहे; अपितु घुसपैठियोंकी सहायता कर रहे हैं । धर्मपुरीने ‘एआईएमआईएम’पर आरोप लगाया कि उनके नेताओंने घुसपैठी रोहिंग्याको बांग्लादेशकी सीमासे जम्मूतक पहुंचानेमें बहुत सहायता की है । शेष तेलंगानामें भी बहुत रोहिंग्या पहुंच गए हैं । भैंसाके उपद्रवोंमें भी इन्हींका हाथ रहा है, जहां वे हत्याएं करते हैं और हिदुओंकी सम्पत्तियोंको जला रहे हैं; किन्तु कारावासमें हिन्दुओंको भेजा जा रहा है ।
जिन राज्योंमें देशविरोधी दलोंकी सत्ता है, वे घुसपैठियोंको अवैध प्रपत्र उपलब्ध कराकर देशके अहितमें संलग्न हैं । ऐसे देशद्रोही नेताओंको कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए । देशको विस्फोटक स्थितियोंसे सुरक्षित करनेके लिए रोहिंग्या मुसलमानोंको शीघ्र अति शीघ्र देशसे बाहर किया जाना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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