वैदिक उपासना पीठद्वारा निर्माणाधीन आश्रम परियोजनाके भिन्न प्रकल्पोंकी विशेषताएं (भाग – १)


वैदिक उपासना पीठद्वारा इन्दौर जनपदमें निर्माणाधीन आश्रम परियोजनामें मंदिर प्रकल्प भी आरम्भ हो चुका है, इस लेख श्रृंखलाके माध्यमसे हम उस परियोजनामें क्या निर्माण करनेवाले हैं, इसकी पूर्वकल्पना आपको देनेका प्रयास करने जा रहे हैं जिससे आपमेंसे कोई भी यदि इस सेवाके सम्बन्धमें हमसे जुडना चाहते हैं या अपना सुझाव भेजना चाहते हैं, अपनी ओरसे कोई सेवा या सहायता प्रदान करना चाहते हैं तो हमें संपर्क कर सकते हैं !

पूर्वकालमें अधिकांश देवालय(मंदिर) धर्मशिक्षण स्थल हुआ करते थे; किन्तु आज अधिकांश मन्दिरोंमें मात्र कर्मकाण्डकी विधियां ही होती हैं ! देवालयोंका मूल उद्देश्य साध्य हो एवं एक आदर्श मंदिर कैसा होना चाहिए ?, इस हेतु इस मंदिर परियोजनामें एक विशाल पुस्तकालय एवं वाचनालयके लिए स्थान नियोजित किया गया है, जिससे जिज्ञासु वृत्तिके साधक जब मन्दिरमें आएं तो वे अपनी रुचि एवं जिज्ञासा अनुसार ग्रंथोंका पठन कर सकें ! उससे सम्बन्धित शंकाओंका समाधान करने हेतु शंका समाधान सत्रका आयोजन किया जायेगा, जिसमें योग्य आचार्यगणोंद्वारा जिज्ञासुओं एवं साधकोंकी शंकाओंका समाधान किया जायेगा ! इस शंका समाधान सत्र हेतु  आधुनिक पद्धतिसे धर्मको सिखाने हेतु चार भिन्न आकारके कक्षोंके निर्माणको भी परियोजनामें सम्मिलित किया गया है ! ऐसा करनेका मूल कारण,  मंदिरोंके निर्माणके पीछेके मूल उद्देश्यको पुनर्स्थापित करना है जिससे भविष्यमें जब भी कोई मंदिर निर्माण करे तो उसमें पुस्तकालय एवं वाचनायलके लिए भी स्थान रखे; जिससे जिज्ञासुओंको अपने धर्मका ज्ञान पाने हेतु कहीं जाना न पडे, वह अपने क्षेत्रमें ही रहकर ज्ञान प्राप्तिकर धर्म और अध्यात्मके पथपर अग्रसर हो सकता है   !

इस कार्य हेतु आप धनसे तो सहायता कर ही सकते हैं, साथ ही यदि आपके पास ऐसे प्राचीन ग्रंथ हों तो आप उन्हें दान कर सकते हैं ! यदि आप इसमें अध्यापन करने हेतु इच्छुक हों तो भी आप हमें संपर्क कर सकते हैं ! आचार्य एवं प्राचार्यगणोंके परिवारसह रहनेकी व्यवस्था भी हमारे परियोजनामें है ! अतः आपको अपने जीविकोपार्जन या बच्चोंकी शिक्षा एवं भरण-पोषणकी भी चिन्ता नहीं करनी होगी ! मंदिर ही आपके सर्व उत्तरदायित्वके व्ययका वहन करेगा !  इस प्रकल्पको ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’के वृहद उद्धेश्यसे निर्माण किया जा रहा है; अतः आपसे यथाशक्ति सहयोगकी हमें आशा है ! (क्रमश:)



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