‘इंडिया स्पीक्स डेली’के सम्पादक संदीप देवने अश्विनी उपाध्यायको बन्दी बनानेपर उठाए प्रश्न
११ अगस्त, २०२१
देहली पुलिसने ८ अगस्तको जन्तर-मन्तरपर ‘भारत छोडो आन्दोलन’की वर्षगांठपर ‘भारत जोडो आन्दोलन’के विरोध प्रदर्शनके पश्चात बडी कार्यवाही करते हुए भाजपा नेता व सर्वोच्च न्यायालयके अधिवक्ता अश्विनी उपाध्यायको बन्दी बना लिया । आरोप है कि उनके ‘भारत जोडो आन्दोलन’में मुसलमान विरोधी ‘नारे’ लगे थे । यद्यपि अब उन्हें प्रतिभूतिपर मुक्त कर दिया गया है ।
‘इंडिया स्पीक्स डेली’के सम्पादक संदीप देवने इसपर अपनी बात रखते हुए कहा कि जहां १५ मिनटमें हिन्दुओंको समाप्त कर देनेकी धमकी देनेवाला असदुद्दीन ओवैसीका भाई अकबरुद्दीन विधानसभामें बैठा है, वहीं ‘कोरोना’ फैलानेवाले मौलाना सादको मनानेके लिए स्वयं ‘एनसए’ अजीत डोभालको जाना पडता है और लालकिलेपर जिसके आन्दोलनमें खालिस्तानी ध्वज फहराया गया, वह राकेश टिकैत अब भी सीमा पर बैठे हैं और उसे कोई कुछ नहीं करता ।
उन्होंने इस मध्य हरियाणामें ‘किसान आन्दोलन’में बलात्कारकी घटनाओंपर भी पूछा कि जब ये लोग बचे हुए हैं, तो अश्विनी उपाध्यायको बन्दी क्यों बनाया गया ? उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन रहता तो समझा जा सकता था कि वो हिन्दुओंके विरुद्ध है; परन्तु भाजपा शासनमें यह विचित्र बात है । उन्होंने कहा कि पुलिस भी औपचारिक रूपसे नहीं बता रही कि चूक क्या है ?
उल्लेखनीय है कि संदीप देव ही वह व्यक्ति हैं, जिनके यहां साधु नरेशानंदजी आए हुए थे । उन्होंने ही डासनाके मन्दिरमें उनके ठहरनेकी व्यवस्था की थी । मन्दिर परिसरमें पुलिसकी उपस्थितिके पश्चात भी जिहादियोंद्वारा चाकुओंसे नरेशानंदजीपर आक्रमण किया । अब वे चिकित्सालयमें जीवन और मृत्युके मध्य जूझ रहे हैं । पुलिसने कहा कि शीघ्र ही इस घटनाक्रमको उजागर किया जाएगा ।
संदीप देवने कथित हिन्दुत्वनिष्ठ दलसे जो प्रश्न पूछे हैं, वे प्रश्न सभी हिन्दुओंको भी पूछना चाहिए । साथ ही हिन्दुओंकी सभी समस्याओंका समाधान मात्र हिन्दू राष्ट्रकी स्थापनासे ही सम्भव है, जिसके लिए हिन्दुओंको ही संगठित होना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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