जनवरी ६, २०१९
असममें २०१६ में बीजेपीके नेतृत्ववाले गठबन्धनके सत्तामें आनेके पश्चात अबतक राजद्रोहके कुल २५१ प्रकरण प्रविष्ट किए गए हैं । सोमवारको विधानसभामें यह जानकारी दी गई । संसदीय कार्यमन्त्री चन्द्रमोहन पटवारीने एक लिखित उत्तरमें बताया कि २६ मई २०१६ को वर्तमान शासनके कार्यभार सम्भालनेके पश्चातसे कई व्यक्तियों और प्रतिबन्धित संगठनोंके विरुद्घ २५१ प्रकरण प्रविष्ट किए गए हैं ।
कांग्रेस नेता और विधानसभामें नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकियाके प्रश्नके उत्तरमें पटवारीने कहा उल्फा (आई), एनडीएफबी (एस), एनडीएफबी (बी), केएलओ सहित कई अन्य चरमपन्थी संगठनोंके विरुद्घ राजद्रोहका प्रकरण प्रविष्ट किया गया है । पटवारीने कहा कि मुख्यमन्त्री और गृहमन्त्री सर्बानंद सोनोवालके निर्देशपर कई व्यक्तियोंके विरुद्घ भी ऐसे ही प्रकरण प्रविष्ट किए गए हैं ।
आरटीआई कार्यकर्ता और किसान नेता अखिल गोगोईके विरुद्घ भी डिब्रूगढ और गुवाहाटीमें दो प्रकरण प्रविष्ट किए गए हैं । गोगोईके अतिरिक्त प्रसिद्ध बुद्धिजीवी और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता हिरेन गोगोई और पत्रकार मंजीत महंतके विरुद्घ भी नागरिकता (संशोधन) विधेयकपर विवादित वक्तव्य देनेके लिए गत माह राजद्रोहका प्रकरण प्रविष्ट किया गया था ।
“स्पष्ट है कि ये राष्ट्रद्रोही छिपकर बैठे थे और भीतर ही भीतर जर्जर कर रहे थे । अब इनका कार्य बन्द हुआ तो सभी बाहर आ रहे हैं । देशकी जनताको इनका पूर्णतया बहिष्कार करना चाहिए और राष्ट्रसे द्रोहके लिए इन्हें कठोरसे कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए, जिससे पुनः कोई राष्ट्रविरुद्ध कृत्य न कर पाए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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