मार्च ४, २०१९
असमके एक पुलिसकर्मीको चाकरीसे (नौकरीसे) निलम्बितकर बन्दी बनाया गया है । पुलिस सूत्रोंके अनुसार, उक्त पुलिसकर्मीने सामाजिक जालस्थलपर पाकिस्तान समर्थित लेख साझा किया था, जिसमें पाकके प्रधानमन्त्री इमरान खानकी प्रशंसा की गई थी । इतना ही नहीं, इस लेखमें इस्लाम धर्मको बढावा देनेवाली बातें भी कही गई थी ! पुलिसकर्मी रफीकुल इस्लाम खान मोरीगांव जनपदके बरछाला पुलिस आउटपोस्टमें तैनात था ।
पुलिस विभागने रफीकुलके इस कृत्यको अनुशासनहीनता बताया । एसपी स्वप्नानील डेकाने इस बारेमें विशेष जानकारी देते हुए बताया, “मैंने उसके फेसबुक खातेपर किसी औरके लेखको साझा करनेके लिए उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की है । इस लेखमें पाकिस्तानके प्रधानमन्त्री इमरान खानकी प्रशंसा की गई थी और कहा गया था कि मुसलमान उदार हैं । कोई भी पुलिस कर्मी किसी धर्म विशेषका पक्ष नहीं ले सकता है ।”
“विचित्र है, जिस देशने धर्मान्ध रफीकुलको सब कुछ प्रदान किया, एक सम्माननीय शासकीय चाकरीपर बैठाया, उसे भारतका खाकर पाकिस्तानके प्रति प्रेम उजागर हो रहा है ! और विचित्र है कि ये रफीकुल एकाकी नहीं है ! पुलवामा प्रकरणके पश्चात अनेकोनेक रफीकुल उजागर हुए है ! ये सब यह सब सोचनेको विवश करता है कि ‘जिस थालीमें खाना उसीमें छेद करना’, यह इन्हें मदरसों और मस्जिदोंमें शान्तिप्रिय धर्म ही सिखाता है; अन्यथा ऐसा कैसे हो सकता है कि राष्ट्रको अपशब्द कहनेमें केवल धर्मान्ध ही आगे आ रहे हैं ! यह अवश्य विचारणीय है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ऑप इण्डिया
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