अगस्त २९, २०१८
दिल्लीके मुख्यमन्त्री अरविन्द केजरीवालके नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टीपर विचित्र आरोप लगे हैं । बताया जाता है कि दल नेतृत्वने आतिशी मर्लेनाको नामके अन्तिम भाग (मर्लेना) हटानेको कहा था; क्योंकि इससे उनके ईसाई होनेका आभास होता है । समाचारोंमें विवरण आनेके पश्चात ‘आप’ने इन आरोपोंको नकारा है । पार्टीके संयुक्त सचिव अक्षय मराठेने बताया कि आतिशीको ऐसा कुछ भी करनेका निर्देश नहीं दिया गया । आप नेताने कहा, “आतिशीको किसीने भी नामके अन्तिम भागको हटानेके लिए नहीं कहा है । वह सदैव आतिशी ही रही हैं । मर्लेना बाद में रखा गया नाम है, जबकि उनका उपनाम सिंह है ।” मराठेने ट्वीट किया, ‘एक प्रगतिशील राजनीतिज्ञके रूपमेंं आतिशीने वोट मांगनेके लिए कभी भी जातिगत नाम ‘सिंह’का प्रयोग नहीं किया; लेकिन, अब उन्हें केवल आतिशी लिखनेपर लक्ष्य बनाया जा रहा है । हमलोगोंकी बहस शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाके आस-पास रही है, जातिगत या धार्मिक आधारपर पहचानका नहीं !’
आतिशी मर्लेना पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से ‘आप’की प्रत्याशी हैं ।
समाचार माध्यमोंमें इस सन्दर्भमें विवरण आनेके पश्चात ‘आप’की आलोचना आरम्भ हो गई थी । असदुद्दीन ओवैसीने आतिशी मर्लेनाको अपने नामका आखिरी भाग हटानेको लेकर ‘आप’की कडी निन्दा की । ओवैसीने ‘ट्वीट’ किया, “भारतीय चुनावी राजनीतिकी यह सच्चाई है कि ईसाई या मुस्लिम नामका आभास होने पर प्रत्याशी मतदान नहीं जीत सकता है । यही कारण है कि १४ प्रतिशत जनसंख्या होने पर भी लोकसभामें मुस्लिमोंका प्रतिनिधित्व केवल ४ प्रतिशत है ।”
स्रोत : जनसत्ता
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