अप्रैल ११, २०१९
अयोध्यामें रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवादसे जुडे एक प्रकरणपर उच्चतम न्यायालयमें शुक्रवार, १२ अप्रैलको सुनवाई हुई । अयोध्यामें गैर विवादित स्थलपर पूजा करनेकी आज्ञा देनेवाली याचिकाको न्यायालयने अस्वीकृत कर दिया है । इस मध्य न्यायामूर्ति रंजन गोगोईने याचिकाकर्ताको डांट भी लगाई और कहा कि लगता है, आप देशमें शान्ति नहीं चाहते हैं, कोई न कोई हमेशा फच्चर फंसानेमें लगे रहते हैं !
इसको लेकर पंडित अमरनाथ मिश्राने याचिका प्रविष्ट की थी । इससे पूर्व इलाहाबाद उच्च न्यायालयने भी इस याचिकाको नकारते हुए पांच लाख रुपयोंका अर्थदण्ड लगाया था । उच्चतम न्यायालयने इस आदेशको रद्द करनेसे मना कर दिया है और अर्थदण्ड बनाए रखा है ।
“प्रथम विडम्बना है कि अब श्रीराम जन्मभूमिपर प्रभुकी पूजाके लिए न्यायालयकी अनुमति लेनी पडती है और दूसरा यह कि अनुमति लेनेपर भी अस्वीकृत कर दिया जाता है, जैसे कोई आतंकवादी गतिविधि कर रहे हो !! ताजमहलमें नमाज पढी जा सकती है, राजस्थानके किलोंमें पढी जा सकती है; परन्तु रामके जन्मस्थलपर पूजा नहीं हो सकती है, क्या यह हिन्दु बहुल राष्ट्र ही है ? इस विडम्बनाको रोकने हेतु ही हिन्दू राष्ट्रकी आवश्यकता है ! ” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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