छद्म हिन्दू नाम धारणकर जिहादीने हिन्दू युवतीसे बलपूर्वक ‘निकाह’ किया, धर्मान्तरण अस्वीकृत करनेपर मेरुदण्डकी अस्थि (रीढकी हड्डी) तोडी


२५ अगस्त, २०२१
       मध्य प्रदेशके आगर जनपदसे ‘लव जिहाद’का एक प्रकरण सामने आया है । इरफानने रोहन बन युवतीको अपने छद्म प्रेमजालमें फंसाया । तीन वर्ष पूर्व भागकर दोनोंने हिन्दू परम्परानुसार विवाह किया था; इसके पश्चात इरफानने बलपूर्वक ‘निकाह’ किया और ‘इस्लाम’ स्वीकारनेके लिए दबाव डालने लगा । धर्मपरिवर्तनके लिए युवतीको इस प्रकार पीटा गया कि उसकी मेरुदण्डकी अस्थि टूट गई और अब वह सीधी खडीतक नहीं हो सकती ।
        इस मध्य युवतीके पास २ लाख रुपए भी थे, जो इरफानने ले लिए । उसने युवतीका नाम परिवर्तितकर ‘आलिया’ रख दिया । दोनोंकी २ वर्षकी पुत्री और एक ११ माहका एक पुत्र भी है ।
        पीडिताने ‘पुलिस’को दिए वक्तव्यमें कहा है कि मार्चमें, जबसे इरफान अपने परिवारके साथ रहने लगा है, तभीसे उसपर ‘इस्लाम’ स्वीकार करनेका दबाव बनाया जा रहा है । धर्म परिवर्तन नहीं करनेपर उसे प्रताडितकर ‘घसीट-घसीट’कर पीटा गया है, जिससे उसकी मेरुदण्डकी अस्थि टूट गई; इतना ही नहीं, आरोपितोंने युवतीके किसीसे मिलनेपर भी प्रतिबन्ध लगा दिया था ।
       इस मध्य १९ अगस्त २०२१ को किसी प्रकार मार्ग खोजकर युवती अपने मायके पहुंची और माता-पिताको समूचा वृत्तान्त बताया, जिसके पश्चात ‘पुलिस थाने’में प्रकरण प्रविष्ट कराया गया है । इस मध्य हिन्दू सङ्गठनोंने भी उनकी सहायता की ।
     ‘लव जिहाद’के नाडीव्रणसे (नासूरसे) जिहादी ‘इस्लाम’का विस्तार किए जा रहे हैं और सर्वदलीय राज्यकर्ता मूकदर्शक बने हुए हैं । मात्र, सनातन धर्मके प्रति अटूट शरणागति सहित हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना ही ऐसी दुःस्थितिके निवारणमें रामबाण है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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