प्राप्त समाचार अनुसार चीनने भारतके लगभग ५० तीर्थयात्रियोंको आगे बढनेसे रोक दिया, जो सिक्किममें नाथुला दर्रे होते हुए कैलाश मानसरोवरकी यात्रा करने वाले थे । क्या कैलाश मानसरोवर जैसे हिन्दुओंके पवित्रतम तीर्थक्षेत्र भारतका अंग नहीं होना चाहिए था ? आगामी हिन्दू राष्ट्रमें हिन्दुओंके सभी सीमापरके पवित्र तीर्थस्थल भारतका अविभाज्य अंग होगा जिससे किसी भी हिन्दूको किसी परराष्ट्रसे वहां जाने हेतु अनुमति लेनेकी आवश्यकता नहीं होगी ! – तनुजा ठाकुर (२४.६.२०१७)
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