मस्जिदोंसे ध्वनि यन्त्र हटाने हेतु कानपुरमें बजरंग दलने आरम्भ किया राष्ट्रव्यापी आन्दोलन 


२६ फरवरी, २०२१
    उत्तर प्रदेशके कानपुर जनपदमें हिन्दूवादी संगठन बजरंग दलके नेतृत्वमें एक हस्ताक्षर अभियान आरम्भ किया गया है । यह अभियान मस्जिदोंपर लगे अवैध ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंके प्रयोग करनेके विरुद्ध किया गया है, जिनसे ‘अजान’के समय तीव्र स्वरमें ध्वनि प्रसारित होती है । यह अभियान २२ फरवरी २०२१ से आरम्भ किया गया है । अभियानके अन्तर्गत संगठनका उद्देश्य है कि वह एक लाख लोगोंका समर्थन प्राप्त करे । इसको प्राप्त करनेके लिए संगठनने कानपुरमें एक लाख लोगोंके हस्ताक्षर एकत्रकर उसे भारतके राष्ट्रपतिको ज्ञापन स्वरूप सौंपनेकी भी योजना बनाई है । समाचारके अनुसार बजरंग दलके राष्ट्रीय सचिव रामजी तिवारीने अपना वक्तव्य साझा करते हुए कहा कि अभियान २२ फरवरीको कानपुरके घण्टाघर स्थित भारत माता मन्दिरसे आरम्भ किया गया है । संगठनके सदस्योंने उस असुविधापर बात की जो मस्जिदोंमें लगे अवैध ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंके कारण होती है । वहीं ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंके विरुद्ध इलाहाबाद उच्च न्यायालयके आदेशके पश्चात भी ‘अजान’के समय ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंके प्रयोगसे लोगोंको समस्या होती है । इसी कारण हिन्दू संगठनोंने जागरूकता प्रसारित करने हेतु एवं इसपर अंकुश लगाने हेतु यह प्रयास किया है । इसी मध्य कानपुरकी एक अधिवक्ताने भी ‘ट्विटर’पर बताया कि वह इन अवैध ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंको हटवा कर रहेगी । इसके लिए ही उन्होंने यह न्यायिक प्रक्रिया आरम्भ की है । वहीं एक मुसलमान मौलवीने कहा कि यह अभियान केवल लोगोंको भ्रमित करने व एक राजनीतिक दलको लाभान्वित करने हेतु ही चलाया जा रहा है । उनके अनुसार यह अभियान छ्द्म है; क्योंकि संविधान भी उन्हें ‘अजान’ बजानेका अधिकार देता है एवं इसे करनेसे उन्हें कोई नहीं रोक सकता । उल्लेखनीय है कि हिन्दू संगठनोंमें कोई भी ‘अजान’ रोकनेके विषयमें नहीं कह रहा है वह केवल ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंके प्रयोगके विरुद्ध है । न्यायालयने भी ‘अजान’के समय ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंके प्रयोगमें असहमति दर्शाई थी । इसलिए मस्जिदोंसे ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंपर ‘अजान’से रोकनेको भी वैध माना था साथ ही न्यायालयने जनपद प्रशासनको, रात्रि १० बजेसे प्रातः ६ बजेतक ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंके प्रयोगको पूर्णतः वर्जित भी बताया था ।
      कश्मीरमें भी इन ध्वनि विस्तारक यन्त्रोंका प्रयोग पूर्व कालमें किस उद्देश्यसे हुआ था इससे हम सभी परिचित हैं । जिहादियोंद्वारा किया गया प्रत्येक कृत्य इस्लामका प्रचार व अन्योंके जीवनमें समस्या उत्पन्न करना ही है; अतः बजरंग दलका यह प्रयास सराहनीय है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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