केरलमें १ दिनमें ‘कोरोना’ सङ्क्रमणके २२१२९ प्रकरण, १५६ की मृत्यु


२८ जुलाई, २०२१ 
      देशभरमें जहां ‘कोरोना’की दूसरी लहरके पश्चात बढाई गई कडाईने स्थितिको नियन्त्रित किया, वहीं केरलमें ‘बकरीद’पर दी गई छूटने स्थितिको अनियन्त्रित कर दिया है । वहां केवल एक दिनमें २२ सहस्रसे अधिक प्रकरण आए हैं और एक ही दिनमें १५६ मृत्यु हुई हैं । इन आंकडोंके साथ ही केरल वह पहला राज्य बन गया है, जहां पिछले ५० दिनमें २० सहस्रसे अधिक प्रकरण आए हों । मंगलवारको इसमें एकाएक वृद्धि देखनेको मिली । उत्तरी केरलके मुसलमान बहुल क्षेत्रोंमें सबसे अधिक प्रकरण आए हैं । मलप्पुरम जनपदमें एक ही दिनमें ४०३७ प्रकरणके साथ सबसे अधिक प्रकरण आए हैं । माना जा रहा है कि केरलमें जिस प्रकार आंकडोंमें उछाल देखनेको मिला है, इसके पीछेका कारण पिनराई विजयन शासनद्वारा बकरीदमें दी गई छूट है । कई व्यक्ति इसपर ट्वीट कर रहे हैं । भाजपा नेता संबित पात्राने भी प्रश्न खडे किए हैं । उनका कहना है, “बकरीदके समय ३ दिनकी जो छूट केरल शासनने दी, उसपर उच्चतम न्यायालयने भी चिन्ता प्रकट की और कहा कि ‘कावड यात्राके प्रसंगमें हमने जो निर्णय दिया है, उन निर्देशोंका पालन ‘बकरीद’के समय केरल शासनको भी करना चाहिए ।’ न्यायालयने बकरीदमें दी गई छूट प्रकरणपर सुनवाई करते हुए कहा था कि यह चौंकानेवाली स्थिति है कि केरल शासनने ‘लॉकडाउन’ मानदण्डोंमें ढील देनेमें व्यापारियोंकी मांगको मान लिया । इसीके साथ न्यायालयने कहा कि यदि शासनकी ओरसे दी गई ढीलके चलते राज्यमें ‘कोरोना’का सङ्क्रमण फैलता है, तो न्यायालय उचित कार्यवाही करेगा ।
       भारतवर्षमें स्वतन्त्रताके पूर्व और उसके पश्चात भी केवल कठोर दिशा निर्देश हिन्दुओंके लिए ही लागू होते हैं । ‘कोरोना’ महामारीके चलते केवल हिन्दू धार्मिक यात्राका (कांवड) निरस्त होना, श्रीअमरनाथ यात्राको निरस्त करना; परन्तु तुष्टीकरणकी राजनीति करनेवालोंने ‘बकरीद’पर ढिलाई देनेके कारण स्थितिको भयावह बना दिया है । न्यायालय तथा शासनको स्वयंसे संज्ञान लेते हुए केरल शासन व प्रशासनके विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution