जनवरी १०, २०१९
चर्चित चलचित्र धारावाहिक ‘कॉफी विद करन’में महिलाओंपर कई विवादित टिप्पणियोंसे आलोचनाओंमें घिरे भारतीय क्रिकेटके खिलाडी हार्दिक पंड्या और लोकेश राहुलपर दो मैचोंका प्रतिबन्ध लगानेको कहा गया है । पंड्या और राहुलपर प्रतिबन्ध लगानेको ‘बीसीसीआई’की प्रशासनिक समितिके प्रमुख विनोद रायने कहा है । वहीं इसी समितिकी सदस्य और पूर्व भारतीय महिला कप्तान डायना एडुल्जीने प्रकरणको ‘बीसीसीआई’के विधि विभागके (लीगल डिपार्टमेंटके) पास भेज दिया है ।
उल्लेखनीय है कि इस धारावाहिकमें महिलाओंपर की गई विवादित टिप्पणियोंको लेकर पंड्याको नारी-विरोधी भी कहा गया था । धारावाहिकमें पंड्याकी कही गई बातोंकी महिलाविरोधी और कामुक बताकर आलोचना की गई थी । इसके पश्चात भारतीय क्रिकेट नियन्त्रण मण्डल अर्थात बीसीसीआईने पंड्या और राहुलको बुधवारको ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था । दोनों खिलाडियोंको २४ घंटोंका समय दिया गया था । इसके पश्चात दोनों खिलाडियोंने उत्तरमें समिति और प्रशासनिक समितिसे क्षमा मांगी ।
खिलाडियोंके उत्तरपर विनोद रायने ‘पीटीआई’से कहा, “मैं हार्दिकके स्पष्टीकरणसे सहमत नहीं हूं और मैंने दोनों खिलाडियोंपर दो मैचोंके प्रतिबंधकी मांग की है । यद्यपि, प्रकरणमें डायना एडुल्जीकी स्वीकृतिके पश्चात ही अंतिम निर्णय होगा । जहां तक मेरा प्रश्न है, ये टिप्पणियां मूर्खतापूर्ण, घृणित और अस्वीकार्य हैं !”
पंड्याने धारावाहिकमें सभी मर्यादाओंको पार करते हुए महिलाओंके साथ सम्बन्ध बनानेके बारेमें दावा किया और यह भी बताया कि वो अपने माता-पितासे इस बारेमें कितना खुल कर बातें करते रहे हैं !
“ऋषियोंके देश भारतमें पश्चिमी संस्कृति धारण किए हुए लोगों अब मानसिक पतन इस स्तरतक हो चुका है कि पशुओं और उनमें भेद करना कठिन है ! एक ओर हम दुष्कर्मकी घटनाओंपर मोमबत्ती जलाते हैं तो दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तरपर ऐसे धारावाहिक प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें लज्जा आदि सबका त्यागकर पशु समान कृत्य किए जाते हैं, खिलाडी, जिन्हें बच्चेसे लेकर बडे तक देखते हैं, वे खुलेमें ही मद्य पीते हैं, अश्लील व लज्जाजनक कृत्य करते हैं, क्या यह हास्यास्पद नहीं ? पूर्वमें खेलोंमें सभी खिलाडी एक मर्यादाका पालन करते थे; परन्तु धन, व्यसनके मदमें अन्धे हुए खिलाडियोंके आज संस्कारहीन होनेके कारण वे सब दुष्कृत्य करते हैं और ‘बोल्डनेस व ओपन’की संज्ञा देकर स्वयं स्वीकार भी करते हैं कि न हममें संस्कार है और न ही घरवालोंने दिए हैं ! शासन ऐसे खिलाडियों, धारावाहिकको सदैवके लिए प्रतिबन्धित करें, अन्यथा मोमबत्ती जलानेसे व विधान बनाकर किए सतही समाधानसे कुछ नहीं होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : बीबीसी
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