अप्रैल १७, २०१९
बांग्लादेशके लोकप्रिय अभिनेता फिरदौस अहमदको तुरन्त देशसे वापस जानेका आदेश दिया गया है और उनका बिजनेस आज्ञापत्र (वीजा) निरस्त कर दिया गया है । दो दिवस पूर्व अभिनेताद्वारा पश्चिम बंगालमें तृणमूल कांग्रेसके लिए कथित रूपसे चुनाव प्रचार करनेसे विवाद उत्पन्न हो गया था ।
पश्चिम बंगालके प्रदेश भाजपा नेता जय प्रकाश मजूमदार और शिशिर बजोरियाने परिवाद प्रविष्ट करानेके लिए सोमवारको राज्यके मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आरिज आफताबसे भेंट की और तृणमूल कांग्रेसद्वारा आचार संहिताके कथित उल्लंघनपर उचित कार्यवाहीकी मांग की ।
सामाजिक प्रसार माध्यमपर प्रसारित हुए एक वीडियोमें दिखा है कि फिरदौस अहमद और बांग्ला कलाकार अंकुश तथा पायलने रायगंज लोकसभा सीटसे तृणमूल कांग्रेसके प्रत्याशी कन्हैयालाल अग्रवालके समर्थनमें रोड शो किया । केन्द्रने मंगलवार, १६ अप्रैलको ‘लीव इंडिया’ अधिसूचना जारी की और अभिनेताको दिया गया आज्ञापत्र निरस्त कर दिया !
केन्द्रीय गृह मन्त्रालयने अहमदका नाम ‘प्रतिबन्धित सूची’में डाल दिया है । इससे भविष्यमें भारतकी उनकी यात्रामें बाधा आएगी । केन्द्रीय गृह मन्त्रालयके एक अधिकारीने देहलीमें कहा, ‘‘बांग्लादेशी नागरिक फिरदौस अहमदद्वारा वीजा उल्लंघनके सम्बन्धमें ‘ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन’से एक ब्यौरा मिलनेके पश्चात गृह मन्त्रालयने उनका आज्ञापत्र रद्द कर दिया है और उन्हें लीव इंडिया अधिसूचना जारी की है । उन्हें प्रतिबन्धित सूचीमें डाल दिया गया है । ‘एफआरआरओ’ कोलकाताको इन आदेशोंका पालन करनेको कहा गया है ।’’ यह पग बांग्लादेशके अभिनेताद्वारा कथित रूपसे चुनाव प्रचार करनेको लेकर केन्द्रके मंगलवारको कोलकाताके विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारीसे (एफआरआरओ) ब्यौरा मांगनेके कुछ घंटे पश्चात उठाया गया है ।
“भारतमें मतदान है तो ममता बैनर्जी बांग्लादेशी अभिनेताको प्रसारके लिए बुला रही हैं, यह स्पष्ट करता है कि बांग्लादेशियोंको भारतीय सीमामें घुसाया गया है, उन घुसपैठियोंको आधार कार्ड और वोटर कार्ड दिया गया है और उनसे मतदान भी करवाया जाएगा; अन्यथा बांग्लादेशी अभिनेताको प्रचारके लिए बुलानेका क्या अर्थ हो सकता है ? विचित्र बात यह है कि यह सब खुलेमें हो रहा है और कोई कुछ करनेवाला नहीं है । यह सब देखकर मन क्रन्दन करता है कि किसप्रकार बाहरी घुसपैठियोंको भारतमें शरण दी जा रही है और वे भारत विरोधी कृत्योंमें लिप्त हो रहे हैं और हम इसीमें व्यस्त हैं कि किसको विजयी करना चाहिए और किसको नहीं ? राष्ट्रवादी शासनके होते हुए भी ५ वर्षोंमें कितनी कार्यवाही हुई उसका परिणाम सबके समक्ष है कि ममता बैनर्जी उनके अभिनेताओंको प्रचारके लिए बुला रही हैं । अभिनेताको भेजना उचित पग है; परन्तु क्या इसके ममता बैनर्जीपर कार्यवाही नहीं करनी चाहिए ? उन्हें इस कृत्यके लिए क्या उनपर आजीवन प्रतिबन्ध नहीं लगना चाहिए ? ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : इण्डिया
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