अनेक बार परिवाद करनेके उपरान्त भी बांग्लादेशियोंका अतिक्रमण नहीं हटा रहा उद्धव शासन


१० अप्रैल, २०२१
        कृष्णा नामक व्यक्तिने बांग्लादेशियोंकेद्वारा नवी मुम्बईके सानपाडा क्षेत्रकी भूमिको अवैध रूपसे अतिक्रमित करनेके विरोधमें मुम्बई नगरपालिकाको अनेक बार लिखित सूचनाएं दीं; परन्तु उनका कहना है कि अनेक बार परिवाद करनेपर भी उद्धव शासन इसपर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है ।
       ‘ट्विटर’पर कृष्णाने गत वर्ष नवी मुम्बई नगरपालिकामें इस सम्बन्धमें परिवाद करते हुए अवैध ‘झुग्गियों’ और भूमि अतिक्रमण सम्बन्धित छायाचित्र उपलब्ध करवाए थे । कृष्णाने इस अवैध अतिक्रमणको हटानेकी याचना की थी ।
      सानापाडामें ४ स्थान हैं, केसर ‘सॉलिटेयर’, ‘प्लाट’ ८८, ५, ‘सेक्टर’ १९, शिवदर्शन ‘अपार्टमेंट’, सन्त ज्ञानेश्वर रोड ‘सेक्टर’ १६, जयपुरियर शाला, ‘एमएसईडीएल’ सोनखार ‘सबस्टेशन’, जहां बांग्लादेशियोंने अवैध अतिक्रमण किया हुआ है । इन सभी स्थानपर बांग्लादेशी अवैध अतिक्रमण कर चुके हैं । परिवादकर्ताके अनुसार, नवी मुम्बई नगरपालिका कमिश्नर अभिजीत बांगरने इसका संज्ञान लिया; परन्तु कार्यवाही की जा रही है, ऐसा आश्वासन देते रहे । परिवादकर्ताद्वारा लगभग एक सहस्र बार कार्यवाहीके विषयमें ज्ञात करनेपर भी कोई कार्यवाही अभीतक नहीं की गई है । अभिजीत बांगर उनके परिवादको उपायुक्त अमरीश पतिनिगेरेकी ओर स्थानन्तरित करते थे । उन्होंने कभी कोई कार्यवाही नहीं की । अमरीश नगरपालिकामें हुए १.३८ कोटि रुपयोंकी ‘धांधली’के आरोपी रहे हैं । उनपर आरोप है कि उन्होंने ‘एच बी भिसे एण्ड कम्पनी’को अवैध अतिक्रमण हटानेके कार्यमें १.३८ कोटि रुपयोंका अतिरिक्त भुगतान किया । महाराष्ट्रके मुख्यमन्त्री कार्यालयके हरदीप सिंह पुरीको भी इस घटनासे अवगत करवाया गया; परन्तु कार्यवाही नहीं हुई ।
   महाराष्ट्रमें ३ पक्षीय महाआघाडी शासन है । इसमें किसी न किसी पक्षकी दृष्टिमें निश्चित ही अवैध बांग्लादेशी ‘वोट बैंक’ होंगे । लाखोंकी सङ्ख्यामें अवैध प्रवासी बांग्लादेशी देशके सभी राज्योंमें प्रवेश कर चुके हैं । ऐसेमें कुछ पक्षोंकी मत प्राप्त करनेकी कुटिल नीतिके कारण वे आश्रय प्राप्त कर रहे हैं । यह दुःखद है तथा यह देशद्रोह है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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