मुसलमान युवतीने हिन्दूसे मन्दिरमें किया विवाह, क्रोधित जिहादियोंने लडकीको पीटकर तथा सिर मुण्डवाकर गांवमें घुमाया
२२ जून, २०२१
उत्तर प्रदेशके बाराबंकी जनपदके फतेहपुर ‘कोतवाली’ क्षेत्रके ररिया गांवमें सोमवार, २१ जूनको अनाथ मुसलमान युवतीको हिन्दू लडकेसे विवाह करनेपपर, उसके चाचा और चचेरे भाइयोंने अत्यधिक पीटा; उसके पश्चात सिर मुण्डवाकर समूचे गांवमें घुमाया ।
माता-पिताकी मृत्युके उपरान्त मुसलमान युवती दादीके साथ रहती थी । उसने जिस हिन्दूसे विवाह किया, उसका नाम मिथुन है और वह भी अनाथ है । वह श्रमिक (मजदूर) है । कुछ समयसे दोनोंके मध्य प्रेम प्रसङ्ग चल रहा था । रविवार, २० जूनको दोनोंने एक मन्दिरमें विवाह कर लिया ।
युवतीद्वारा हिन्दू युवकसे विवाह करनेकी बात चलते ही उसके परिजन क्रोधित हो गए । विवरणके अनुसार, पीडितने ‘थाने’में दी गई परिवादमें बताया है कि प्रातःकाल सोमवारको प्राय: ८ बजे चचेरे भ्राता (भाई) अली हुसैन, नूर आलम, मोहम्मद शब्बीर और समी उसे अपने घर बुलाकर ले गए । इसके पश्चात वहां उसकी चाची नजीरा, शबनम और मोहम्मद यूनुस समेत कई आरोपितोंने उसे ‘लात-घूंसे, चप्पल और डंडों’से अत्यधिक पीटा और उसका सिर मुण्डवाकर गांवमें घुमाया ।
घटनाके समय पीडितका पति किसी कार्यसे बाहर गया हुआ था । पीडितने पुलिसको बताया है कि पत्नीके परिजनने उसके प्राण लेनेकी चेतावनी दी है । चाचाने कहा कि इसे जीवित छोडना उचित नहीं है । अभी पीडितके परिवादपर पुलिसने विभिन्न धाराओंके अन्तर्गत अभियोग (केस) प्रविष्ट कर लिया है ।
मुसलमान समाज अपनी बहन-बेटियोंको हिन्दुओंसे बचाते है; यदि वह न माने तो उनकी दुर्दशा करनेसे पीछे नहीं हटते है; परन्तु यही मुसलमान लव-जिहादकर हिन्दुओंकी बालिकाओंको षड्यन्त्रके माध्यमसे पथभ्रष्ट करते आ रहे हैं । ऐसा करके जिहादियोंने अपना मन्तव्य हिन्दू समाजके सम्मुख स्पष्ट कर दिया है; किन्तु हिन्दू है कि स्वार्थ एवं साम्प्रदायिकताका झूठा चोला ओढे अपनी भावी पीढीका जीवन नरक बनाने हेतु सिद्ध (तैयार) है । हिन्दुओ, अब भी समय है, जागो और यथासम्भव हिन्दू राष्ट्रकी पुनर्स्थापनाकी सेवामें सहभागी बनो । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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