तीन तलाकका विष, ससुरके पश्चात अब देवरसे ‘हलाला’का दबाव, प्रथम बार इंजेक्शन देकर सुसुरने किया था ‘कुकर्म’ !!


जनवरी ७, २०१९


उत्तर प्रदेशके बरेलीसे एक अचम्भित करनेवाला प्रकरण सामने आया है । एक मुस्लिम महिलाको उसके पतिने ‘तीन तलाक़’ देनेके पश्चात ‘हलाला’ करवानेपर विवश किया । आरोपितने अपनी पत्नीको अपने पिताके (पीडिताके ससुर) साथ बलात ‘हलाला’ करवाया । पीडिताकी बहनने न्यायालयमें याचिका देकर न्यायकी विनती की है । पीडिताने कहा, “पहले मेरे पतिने मुझे तलाक दे दिया और पुनः निकाह करनेके लिए ससुरके साथ हलाला करवाया । अब वह पुनः तलाक देनेके पश्चात देवरसे हलाला करानेकी जिद कर रहा है !”

बरेलीके बानखाना निवासी पीडित महिलाने ‘आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी’की अध्यक्षा निदा खानके साथ संयुक्त रूपसे संवाददाता सम्मेलन करते हुए बताया कि वर्ष २००९ में उसका निकाह गढी-चौकी निवासी वसीमसे हुआ था । निकाहके २ वर्ष पश्चात ही वसीमने ‘तीन तलाक’ देकर उसे घरसे बाहर निकाल दिया ।


पीडिताकी बहनने वसीम और उसके परिवारद्वारा किए गए अत्याचारके बारेमें बताते हुए कहा –

“जब मेरी बहनने ‘हलाला’की प्रक्रियासे गुजरनेसे मना कर दिया, तो उसके ससुरालवालोंने उसे बलात टीका लगाकर, उसके ससुरके साथ हलाला करवाया । अगले १० दिनोंतक, बुजुर्ग व्यक्तिने मेरी बहनके साथ निरन्तर दुष्कर्म किया और उसे ‘तीन तलाक़’ दे दिया, ताकि वह अपने पतिसे पुनः विवाह कर सके; परन्तु जनवरी २०१७ में, उसने पुनः मेरी बहनको तलाक़ दे दिया और परिवारने उसे उसके पतिके छोटे भाईके साथ ‘हलाला’के लिए दबाव डालना आरम्भ कर दिया !”

इतना ही नहीं, आरोपियोंने पीडिताको १५ लाख लेकर प्रकरण समाप्त करनेका भी प्रयास किया; परन्तु पीडिताने कहा कि वह न्याय चाहती है और उसने रुपए लेनेसे मना कर दिया । उसने कहा कि वह दोषियोंको दण्ड दिलाना चाहती है ।

पीडिताने तीन तलाक, बहुविवाह और हलालापर कडे विधान बनानेकी मांग की । उसने कहा कि कडे विधान बनानेसे महिलाओंपर अत्याचार अल्प होगा । वह नहीं चाहतीं कि अन्य महिलाएं उस वेदनाको सहे, जो उसे मिली है ।

वहीं जनसत्तामें प्रकाशित समाचारके अनुसार मुफ्ती खुर्शीदने कहा कि अपने ससुरसे ‘हलाला’ करवानेके पश्चात वह महिला अपने पतिके लिए ‘हराम’ हो गई है । मुफ्तीने कहा, “ वह पुनः अपने पतिके साथ नहीं रह सकती है । ऐसा करना एक पाप है । यह देखना होगा कि ऐसा कैसे हुआ ?”

 

“विडम्बना है कि यह सब पापकर्म भारत भूमिपर हो रहा है और राहुल गांधी सदृश वोटके लोभी नेता इसका समर्थन कर रहे हैं । अब समय आ गया है कि सभी मुस्लिम महिलाएं मिलकर विरोधमें उतरें व ऐसे निराधार इस्लामिक प्रथाओं और ऐसे नेताओंका पूर्णतया बहिष्कार करें ! – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : ऑप इण्डिया



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