अयोध्यामें ४ आतङ्की बनाए गए बन्दी
१५ अगस्त, २०२१
अयोध्यामें राम जन्मभूमिको दहलानेका षड्यन्त्र विफल करते हुए जम्मूमें ४ आतङ्की पकडे गए हैं । जम्मू-कश्मीरमें स्वतन्त्रता दिवससे एक दिन पूर्व पुलिसने बडे आतङ्की षड्यन्त्रकी योजना विफल करते हुए ‘जैश-ए-मोहम्मद’के ४ आतङकियोंको बन्दी बना लिया है । पुलिस अनुसार, “वे ‘ड्रोन’से गिराए गए शस्त्रोंको एकत्रकर उन्हें कश्मीर घाटीमें ‘जैश’के सक्रिय आतङ्कवादियोंतक पहुंचानेकी योजना बना रहे थे । इसके अतिरिक्त, आतङ्कवादियोंका १५ अगस्तको जम्मूमें वाहन ‘IED’ विस्फोट करनेकी योजना थी । वे देशके अन्य भागमेंं महत्त्वपूर्ण स्थानोंकी टोह लेनेमें भी लगे थे ।”
पुलिसने सबसे पहले आतङ्की मुंतजिर मंजूर पुत्र मंजूर अहमद भट निवासी पुलवामाको पकडा और उससे पूछताछके पश्चात ‘जैश’के तीन अन्य आतङ्कवादियों तौसीफ अहमद शाह, आतङ्की इजहार खान पुत्र इंतेजार खान निवासी मिरदान मोहल्ला कंडाला शामली (उत्तर प्रदेश) और जहांगीर अहमद भट पुत्र मुश्ताक अहमद भट निवासी बांदजू पुलवामाको बन्दी बनाया गया ।
मंजूर अहमद भट आतङ्कवादी सङ्गठन ‘जैश’का एक प्रमुख सदस्य है, जिसके पास से पुलिसको एक ‘पिस्तौल’, एक ‘मैगजीन’, ८ ‘लाइव राउंड’ और दो ‘चीनी हैंड ग्रेनेड’ मिले हैं । कश्मीर घाटीमें शस्त्र आपूर्तिके लिए प्रयोग होनेवाले उसके ‘ट्रक’को भी पकड लिया गया है ।
उल्लेखनीय है कि बन्दी बनाए गए आतङ्की इजहार खानने बताया है कि पाकिस्तानमें बैठे ‘कमांडर’ मुनाजिरने उसे अमृतसरके पास ‘ड्रोन’से गिराए गए शस्त्रोंको एकत्रकर आतङ्कियोंको सौंपनेके लिए कहा था । उसने अन्य महत्त्वपूर्ण रहस्योद्घाटन भी किए ।
जम्मू पुलिसका यह प्रयास सराहनीय है; किन्तु अब सभी हिन्दुओंको भी ‘हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई’वाली विचारधाराको एक और करके सभी जिहादियोंकी गतिविधियोंपर विशेष दृष्टि रखनी चाहिए; क्योंकि इनके लिए प्रत्येक हिन्दू इनका शत्रु है, यह इनकी शिक्षा अन्तर्गत आता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply