जनवरी ५, २०१८
समाजवादी पार्टीने शुक्रवार, ४ जनवरीको मुम्बईके शासकीय चिकित्सालयपर आरोप लगाया है कि वहांके चिकत्सक मुस्लिम रोगियोंको शल्यचिकित्सासे पूर्व दाढी हटानेके लिए कहते हैं । बीएमसीमें सपाके समूहके नेता रईस शेखने कहा है कि उन्हें इस प्रकरणपर मुस्लिम रोगियोंसे अत्यधिक परिवाद (शिकायत) मिल चुकी हैं ।
नागरिक आयुक्त अजोय मेहताको लिखे अपने पत्रमें उन्होंने कहा है, “दाढी रखना हमारी आस्थाका एक भाग है और मुझे मुस्लिम रोगियोंसे परिवाद मिली हैं कि चिकित्सक छोटीसी शल्यचिकित्सा करनेसे पूर्व भी उन्हें परामर्श देते हैं कि वह दाढी बनाएं । मैं मांग करता हूं कि मेहता चिकित्सकोंको निर्देश दें कि वह तभी रोगियोंको दाढी हटानेको कहें जब अत्यन्त आवश्यकता हो ।”
सपा नेताने कहा है कि बीएमसी स्वास्थ्य विभागने उनकी परिवादपर संज्ञान लेते हुए एक नीति बनाई है ताकि चिकित्सक ऐसा न करें । यद्यपि इसके एकाएक पारित होनेके बारेमें कुछ नहीं कहा जा सकता ।
“चिकित्सकोंको शिक्षा देना कि उन्हें किसप्रकार कार्य करना है, क्या यह शेखका कार्य है ? इन्हीं शेखने विद्यालयोंमें सूर्य नमस्कारका विरोध किया था कि ऐसी स्थितिमें बालकोंको मदरसोंमें डालेंगें तो उसीप्रकार यदि चिकित्सकोंकी कार्यप्रणालीसे परेशानी है तो या तो शेख उन चिकित्सकोंका चुनाव कर सकते हैं, जो स्वयं मुस्लिम हो और उसे हटानेको न कहें या किसी इस्लामिक चिकित्सालयमें अरब देशोंमें चिकित्सा करवा सकते हैं; क्योंकि यदि चिकित्सकको उसके अनुसार शल्य चिकित्सा नहीं करने दी गई तो वह अपनी मानसिकतामें कुछ भी चूक कर सकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : अमर उजाला
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