अध्यापनके लिए गई अवयस्क लडकीके अपहरणको एक माहमें भी नहीं ढूंढ पाई पुलिस
०४ मार्च, २०२१
बिहारके मधुबनी जनपदमें एक १५ वर्षीय अवयस्क लडकीका अपहरण किया जा चुका है, जिसे पुलिस अभीतक नहीं ढूंढ पाई है । वह लडकी पढने गई थी और लौटकर घर नहीं पहुंची ।
कुछ लोगोंद्वारा सूचना दी गई कि लडकीको झिटकी गांव निवासी ताहिर अपने दुपहिया वाहनपर (बाईकपर) बैठाकर ले गया था । ताहिरके परिवारसे पूछताछ करनेपर, उन्होंने लडकीके माता-पिताको क्रोधित होकर अपशब्द कहे । उन्होंने कहा कि यदि वह लडकीको ले गया है तो उससे विवाह कर लेगा । ताहिरने पंचायतके माध्यमसे उन्हें दो दिनोंके भीतर लडकीके लौट आनेकी बात की थी; किन्तु एक माह बीत जानेपर भी नहीं आई, जिस कारण पुलिसमें प्राथमिकी प्रविष्ट करानेमें विलम्ब कराया गया । पुलिसमें बतानेपर ताहिरके परिवारने उन्हें मार डालनेकी धमकियां दी हैं । ताहिरके माता, पिता और बहनको भी इस ‘लव-जिहाद’में सम्मिलित बताया जा रहा है; किन्तु पुलिसने उनसे अभीतक कोई पूछताछ ही नहीं की है । पिताने बेटीके नहीं मिलनेपर विष खाकर आत्महत्या करनेकी धमकी दी है और बताया है कि ताहिरका परिवार अपने धनी होनेकी धौंस दिखा रहा है ।
बिहारमें पहले ही रावणराज है । वहांकी पुलिस भी महाराष्ट्रकी पुलिसकी भांति हिन्दुओंके पक्षमें नहीं है । मुसलमानोंसे पूछताछ करनेसे भी भय खाती है । हिन्दुओंको संगठित होकर ही ऐसे शासनका विरोध करना चाहिए । अपनी बेटियोंको भी धर्मशिक्षण देकर स्वाभिमानी बनाना चाहिए और स्वयं भी धर्मान्धोंसे किसी प्रकारका लेनदेन नहीं करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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