जनवरी २, २०१९
केन्द्रीय गृह मन्त्री राजनाथ सिंहने शनिवार, २ फरवरीको कहा कि केन्द्र शासन बांग्लादेशसे लगती पश्चिम बंगाल और असमकी अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओंको बन्द करनेके लिए तकनीकका प्रयोग करेगी । सिंहने यहां अलीपुरद्वार जनपदमें एक रैलीको सम्बोधित करते हुए आरोप लगाया कि बांग्लादेशी अवैध ढंगसे पश्चिम बंगालमें घुस रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि केन्द्रने पश्चिम बंगाल शासनसे बांग्लादेशके साथ लगती सीमाको बन्द करनेके लिए बाड लगानेके लिए भूमि मांगी थी; परन्तु राज्य शासनने अभी भूमि नहीं दी है ।
सिंहने कहा, ”अब हमने बांग्लादेशसे लगती दोनों अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओंको ‘व्यापक एकीकृत सीमा प्रबन्धन प्रणाली’केद्वारा बन्द करनेके लिए तकनीकका प्रयोग करनेका निर्णय किया है । यह पग घुसपैठ रोकनेके साथ ही तस्करीको भी रोकेगा तथा पश्चिम बंगालके जनसांख्यिकीय परिदृश्य परिवर्तितके लिए देशकी सुरक्षाको सुनिश्चित करेगा । सबसे अधिक हिंसा पश्चिम बंगालमें हुई है । उनके शासनमें मां, माटी और मानुष कोई सुरक्षित नहीं है ।
गृह मन्त्रीने कहा कि राज्यमें लगभग १०० भाजपा कार्यकर्ताओंकी हत्या की गई है और इसमें संलिप्ततावाले किसी भी व्यक्तिको छोडा नहीं जाएगा ।
उन्होंने कहा, ”पश्चिम बंगालमें राजनीतिक हिंसा समाप्त होनी चाहिए और इसके लिए बंगालमें २०२१ में भाजपाका मुख्यमन्त्री होना चाहिए ।
“राजनाथ सिंह तनिक देरीसे जागे; परन्तु जागे और स्वीकार किया कि बांग्लादेशी आतंकी व धर्मान्ध हिन्दुओंका नरसंहार कर रहे हैं ! केन्द्र शासनके पास समस्त शक्तियां है तो देशकी सुरक्षाको ताकपर रखकर एक राज्यके मुख्यमन्त्रीकी प्रतिक्षा क्यों की गई ? यह हिन्दुओंके मनमें अवश्य ही शंका निर्माण करता है । अब भी केन्द्र जागे और राष्ट्रकी दृष्टिसे उचित निर्णय लें; क्योंकि जब धर्मान्ध बंगालकी भूमिसे बाहर होंगें तभी वहां मां, माटी और मानुष सुरक्षित होंगें ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिदुस्तान
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