बंगालके एक मन्दिरमें मद्यपान करनेसे रोकनेपर, साधुसे किया गया दुर्व्यवहार
२० अगस्त, २०२१
बंगालके बीरभूम जनपदमें कुछ अज्ञात अराजक तत्त्वोंने एक साधुको अपमानित किया । उन्होंने साधु स्वामी बारूनन्दाको अपशब्द कहे और उसे बलपूर्वक मद्यपान करानेका प्रयास भी किया । अराजक तत्त्वोंने मन्दिरके परिसरमें मद्यपानकर, उसे अस्वच्छ कर रहे थे । साधुद्वारा मना करनेपर, उन्होंने साधुके ऊपर मदिरा उडेलनी आरम्भ कर दी और उसके मुखमें भी डालनेका प्रयास करने लगे । विरोध करनेपर उन्होंने साधुको अपशब्द कहते हुआ कहा कि वे जैसा चाहेंगे, वैसा ही करेंगे । अभद्र भाषाका प्रयोग करते हुए उन्होंने साधुको ‘शैतान’ भी कहा । उन अभद्र लोगोंने कहा कि वे यहींपर मद्य भी पिएंगे और मूत्र भी करेंगे और तुम कुछ भी नहीं कर पाओगे । उन उपद्रवियोंका अभिज्ञान (पहचान) पूछे जानेपर साधुने बताया कि वह उनके नाम व स्थान नहीं जानता । प्राथमिकी प्रविष्ट हो जानेपर भी, ‘पुलिस’ अभीतक किसी आरोपीको बन्दी नहीं बना पाई है ।
बंगालमें नेताओंकी दुर्दशाके साथ-साथ, मन्दिरों और साधु-सन्तोंकी दुर्दशा भी उसी प्रकार हो रही है । ममता शासनमें अराजक तत्त्वोंका बोलबाला उच्च स्तरपर है । केन्द्र शासनद्वारा वहां कुछ भी न कर पाना दर्शाता है कि देशवासियोंके लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण समय है, जिसे व्यवस्थाके परिवर्तनसे ही ठीक किया जा सकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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