
भगवान भी जब अवतार लेते हैं तो कहते हैं- ‘विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार।’ अर्थात भगवान जब अवतार लेते हैं तो उसका मूल कारण होता है , देवता , गौ , संत , विप्र अर्थात साधक प्रवृत्ति वाला ब्रह्मज्ञानको पाने हेतु मग्न व्यक्तिके रक्षण करना ! – पू. तनुजा ठाकुर
Radhey shyam